धारः 4.12 लाख हेक्टेयर में रबी की बुआई, गेहूं का रकबा 2.20 लाख हेक्टेयर


बारिश खुलने के आठ दिन बाद ही किसानों ने खेतों की जुताई शुरू कर दी है क्योंकि इस वर्ष बारिश के कारण खेतों में नमी है


आशीष यादव आशीष यादव
धार Published On :

धार। जिले में इस बार रबी की फसल की बोवन अधिकाश क्षेत्र में किसानों ने सूखे में बोवनी कर दी है। अक्टूबर महीने में हुई हल्की बरसात के बाद गेहूं के रकबे में बढोत्तरी हुई है। अब तक 2 लाख हैक्टेयर से अधीक रकबे में बोवनी हो चुकी है  और केवल उन क्षेत्रों में रबी की फसल की बोवनी रह गई है जहां अभी सिंचाई जारी है।

वहीं इस बार लगातार चार माह तक हुई बारिश ने रबी की बोवनी के शेड्यूल को प्रभावित कर दिया था। वहीं खेतों में नमी होने के कारण इस बार किसानों को कम समय में सिंचाई हो जाएगी और कम पानी लगेगा वही बारिश का दौर भी लगातार होने से रबी सीजन की बोवनी करने की तैयारी भी लेट ही शुरू कर पाई है।

बारिश खुलने के आठ दिन बाद ही किसानों ने खेतों की जुताई शुरू कर दी है क्योंकि इस वर्ष बारिश के कारण खेतों में नमी है और किसान बगैर सिंचाई के बोवनी कर सकते हैं। जिन किसानों के खरीफ की फसल बोई है वह भी फसल काटकर खेतों की जुताई करने लगे गए थे।

रबी सीजन में बोवनी का रकबा 4 लाख 12 हजार हेक्टेयर है। जिसमें सबसे ज्यादा चना और गेहूं की बोवनी की जाएगी। इसके अलावा शेष रकबा में लहसुन, अरहर अन्य आदि फसलें की बोई की जानी हैं। कई बार समय के बाद भी बारिश हुई जिसके कारण खेतों की नमी बनी रही है, जिससे किसानों को खर्च भी बचा है । जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन नहीं रहते हैं वह बोवनी नहीं कर पाते हैं, लेकिन इस वर्ष अच्छी बारिश होने के बाद किसान बोवनी की तैयारियों में जुट गए व बोवनी भी कर दी हैं।

इस वर्ष बारिश अच्छी होने के कारण गेहूं का रकबा बढ़ सकता है। क्योंकि गेहूं की फसल को पानी की जरूरत ज्यादा रहती है और जलस्तर अच्छा होने के कारण यह फसल ज्यादा बोई जा रही है। साथ ही किसानों का मानना है कि बारिश ज्यादा होने के कारण चना,कम लगने की संभावना है। वही किसान रबी फसल की बुवाई के लिए अभी मौसम भी अच्छा है कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसानों ने रबी की बुवाई की तैयारियां शुरू कर दी है, लेकिन तापमान कम होने पर ही बुवाई करेंगे।

जिले में रबी फसल की बुआई को लेकर सहायक संचालक संगीता तोमर ने बताया कि कृषि विभाग भी अपनी तैयारियां पूरी कर चुका है। विभाग की ओर से इस बार गेहूं और चने का रकबा बढ़ाया गया है, लेकिन प्रस्तावित
जौ अनाज का रकबा 8 हजार है। इस बार जिले में अन्य फसलो के रकबो में ज्यादा अंतर नही है जिले में अंतिम समय में हुई बारिश से किसानों को काफी फायदा मिला।

बारिश की नमी के कारण किसानों को कम पानी की जरूरत पड़ेगी। अच्छी बारिश के साथ कृषि विभाग ने भी खेती को बढ़ावा देने और किसानों को उन्नत तकनीकी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। जिले में लगभग 2 लाख 27 हजार हैक्टेयर में बुवाई का कार्य हो चुका है।किसान भी लहुसुन निराई-गुड़ाई में व्यस्त हुए क्षेत्र में इन दिनों किसान वर्ग रबी की फसल की निराई-गुड़ाई में व्यस्त हो गए हैं। किसानो ने बताया कि जिन किसानों ने अगेती फसल की बुआई की थी। वे अब फसल की निराई-गुड़ाई कर रहे हैं। वही किसान खेतों की अच्छे से हंकाई जुताई करके खाद डालकर लहुसन व गेहूं की बुवाई कर चुके हैं। क्षेत्र में कब बारिश वाले क्षेत्रों में फसले बो दी गई है

कृषि विभाग ने दी सलाह
इस संबंध में विपणन अधिकारी स्वाति रॉय कहना है कि जिले में यूरिया व अन्य उर्वरक की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है।

कृषकों की माँग अनुसार यूरिया का वितरण कराया जा रहा है। वहीं सीसीबी जीएम पी एस धनवाल ने बताया की जिले के सभी सुसाइटियो के खाताधारकों को डीएपी खाद वितरण किया जा चुका है यहां यूरिया भी दे रहे हैं।

किसान सोयाबीन की कटाई के पश्चात खेतों में पर्याप्त नमी को देखते हुए गेहूँ एवं चना की बोनी का कार्य प्रारंभ किया गया।  सिंचाई के समय किसान यूरिया का खड़ी फसल मे छिड़काव करेंगें।

कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार गेहूँ में यूरिया की संपूर्ण मात्रा एक ही बार में न डालते हुए प्रथम सिंचाई के समय यूरिया 45 किलोग्राम प्रति एकड़ एवं द्वितीय सिंचाई के समय फिर यूरिया 45 किलोग्राम प्रति एकड़ का छिड़काव की सलाह दी गई है और उर्वरक का प्रयोग समुचित नहीं है तो फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है इसलिए कृषक बन्धुओं को ध्यान रखना चाहिए कि कौन सा खाद , कब , किस विधि से एवं कितनी मात्रा में देना चाहिए।

वहीं जो किसान रबी की फसल की बोवनी कर चुके हैं , वह गेहू की फसल में सिचाई करने में जुटे हुए हैं । जिले के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है । जहां रात दिन के तापमान में उतार चढाव जारी है । बीते चौबीस घंटों में रात के तापमान में गिरावट आई है तो वहीं दिन के तापमान में बढ़ोत्तरी हुई है । तो वहीं रबी की फसल की बुआई के लिए बेहतर समय बताया जा रहा है तो दूसरी ओर कृषि विभाग ने भी किसानों की रबी की फसल की बोवनी के लिए उचित सलाह दी है

2 लाख 27 हजार हेक्टेयर में हो गई बोवनी
इस बार 4 लाख 12 हजार हेक्टयर में रबी फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है जिसमें प्रमुख फसल गेहूं का 2 लाख 20 हजार में गेंहू लगा वहीं अभी 2 लाख 27 हजार में बोवनी हो गई है। एवं चना का 1 लाख 45 हजार हेक्टर में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक जिले में 63 प्रतिशत गेहूँ की बोवनी की जा चुकी है वही रबी में 55 प्रतिशत बोवनी हो गई है।

क्षेत्र होने से बोनी का कार्य नवंबर माह के अन्त तक जारी रहेगा जिले की कुछ विकासखण्ड में बोनी का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है ।वही कपास वाले क्षेत्रो में अभी गेंहू की फसल लगना बाकी है आने वाले दिनों में गेहूं का रकबा बढ़ना है कहि क्षेत्रो में गेहूँ की फसल 20 दिनों की हो चुकी है जिसमें प्रथम सिंचाई प्रारंभ हो चुकी है

रकबा बढ़ा है

इस बार बारिश अच्छी होने के कारण किसानों ने गेहूं का रकबा व चने का रकबा बढ़ाया है वहीं गेहूं में पानी की आवश्यकता अधिक होती है और इस बार बारिश अच्छी हुई इसके लिए किसान गेहूं की ओर ज्यादा ध्यान दे  रहे हैं।

ज्ञानसिंह मोहनिया, उपसंचालक कृषि विभाग धार



Related