आरटीओ ने स्कूलों में जाकर की बसों की जांच, नियमों के तहत ही वाहन संचालित करने का निर्देश


शनिवार को करीब साढ़े तीन घंटे में जिला परिवहन अधिकारी नगर के चार स्कूलों में पहुंचे। यहां स्कूल प्रिंसिपल से लेकर कमेटी के सदस्यों से चर्चा कर नियमों की विस्तृत रुप से जानकारी दी।


देश गांव
धार Published On :
dhar rto in school bus

धार। सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले दिनों स्कूल बसों को लेकर गाइडलाइन जारी करने के लिए आदेश किया गया था जिसके बाद परिवहन विभाग ने सभी जिलों के आरटीओ को आदेश जारी कर नियमों के तहत ही वाहन संचालित करवाने के लिए कहा था।

इन निर्देशों के तहत जिले में आरटीओ व यातायात विभाग की संयुक्त टीम अब स्कूलों में पहुंचकर सीधे प्रबंधकों से चर्चा कर नए नियमों के तहत ही वाहन चलाने के निर्देश दे रही है।

शनिवार को करीब साढ़े तीन घंटे में जिला परिवहन अधिकारी नगर के चार स्कूलों में पहुंचे। यहां स्कूल प्रिंसिपल से लेकर कमेटी के सदस्यों से चर्चा कर नियमों की विस्तृत रुप से जानकारी दी।

साथ ही 10 दिनों के अंदर ही वाहनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बस में हो रही सभी एक्टिविटी कैमरों में कैद होकर सीधे स्कूल प्रबंधन भी अपने कार्यालय में उन्हें देख सके।

स्कूल बसों में एक महिला कंडक्टर भी अनिवार्य रूप से रखने को लेकर कहा गया है और इसको लेकर स्कूल प्रबंधकों को जल्द ही महिला कंडक्टर की नियुक्तियों के लिए कहा गया है।

पैनिक बटन से मिलेगी मदद –

आरटीओ अधिकारी ज्ञानेंद्र वैश्य ने स्कूलों में हुए निरीक्षण सहित बैठकों को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि नए आदेशों में सबसे महत्वपूर्ण व्हिकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस बसों में होना जरुरी है।

यह स्कूल बस में एक पैनिक बटन के रुप में होगा। किसी भी प्रकार की घटना होने पर बस में मौजूद बच्चे उस बटन को दबा देंगे तो जानकारी सीधे भोपाल जाएगी। वहां से संबंधित बस नंबर सहित लोकेशन के बारे में जानकारी अपडेट होते ही पुलिस को वाहन के बारे में बताया जाएगा।

इस तरह से एक डिवाइस के लगते ही स्कूल के विद्यार्थियों को बटन दबाते ही मदद मिल सकेगी। शनिवार को नगर के पाटीदार स्कूल, सीके चंदेल, टैलेंट पब्लिक स्कूल व एमिनेंट स्कूल में वाहनों का निरीक्षण किया गया व प्रबंधकों से चर्चा कर व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।

सुधार नहीं तो होगी कार्रवाई –

यातायात थाने के प्रभारी सूबेदार राजेश बारवाल के अनुसार स्कूलों में अटैच हुए वाहनों को निर्धारित मानक के अनुसार गति नियंत्रक यंत्र लगाना होगा। साथ ही स्कूल का नाम व दूरभाष क्रमांक सहित बस में प्रवेश व निर्गम को लेकर अलग-अलग दो दरवाजे भी अनिवार्य रुप से रखना होगा।

वहीं अब बच्चों के पालक भी समय-समय पर बसों का निरीक्षण कर सकेंगे जिनके द्वारा दिए गए सुझाव भी स्कूल प्रबंधन को स्वीकार करना होंगे। वहीं जीपीएस सिस्टम सहित कैमरे लगाना भी अनिवार्य है।

निरीक्षण व बैठक के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ही बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं जिसके तहत स्कूलों को 15 दिन का समय भी दिया गया है।

अगर समय रहते मुख्य निर्देशों के तहत वाहन संचालन नहीं पाया जाएगा तो आरटीओ सहित यातायात विभाग वाहनों पर वैधानिक कार्रवाई करने के साथ ही स्कूल संचालक पर भी कार्रवाई करेगा।

लगातार कर रहे है कार्रवाई –

आरटीओ विभाग द्वारा स्कूल वाहनों की जांच की गई वही बसों के निरीक्षण के दौरान उनको समझाइश दी गई जो भी खामियां थी उनको सुधार करवाए गए स्कूल प्रबंधकों से चर्चा कर व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए गए है। – ज्ञानेंद्र वैश्य, आरटीओ, धार



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