जून-जुलाई में विवाह के 10 ही मुहूर्त, प्रशासन की मिलेगी अनुमति तो होगी शादी


प्रशासन यदि विवाह समारोह की अनुमति देता भी है तो जून और जुलाई में विवाह के केवल 10 मुहूर्त ही बचे हैं। जून में 5, 18 से 23 तारीख और जुलाई में 1, 3 और 7 तारीख को ही शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद नवंबर में विवाह हो सकेंगे।


आशीष यादव आशीष यादव
इन्दौर Published On :
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धार। कोरोना काल मे लगातार दूसरे साल भी अप्रैल व मई का वैवाहिक सीजन लॉकडाउन के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। कोरोना संक्रमण के कारण प्रशासन ने वैवाहिक समारोह पर लगाम लगा दिया था।

जिले में जो विवाह आयोजन होने थे, उनमें भी सिर्फ 20 से 25 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति की बात प्रशासन ने कही थी। ऐसे में लोगों के सामने समस्या यह है कि वे बारात निकालें या बैंड वालों को बुलाएं।

बीते माह तो शादी-विवाह के लिए दी गई सभी अनुमतियां ही निरस्त कर दी गईं थीं। ऐसी स्थिति में कई लोगों ने शादियां आगे बढ़ा दी हैं। यहां तक कि अक्षय तृतीया जैसे महामुहूर्त में भी शादियां नहीं हो सकीं। अब जून में अनलॉक की संभावना बन रही है।

प्रशासन यदि विवाह समारोह की अनुमति देता भी है तो जून और जुलाई में विवाह के केवल 10 मुहूर्त ही बचे हैं। जून में 5, 18 से 23 तारीख और जुलाई में 1, 3 और 7 तारीख को ही शुभ मुहूर्त हैं। इसके बाद नवंबर में विवाह हो सकेंगे।

कोरोना से व्यापार पर असर –

लगातार दो साल से कोरोना के कारण अप्रैल-मई में लॉकडाउन के दौरान शादियों पर रोक से बाजारों में करोड़ों रुपये की ग्राहकी रुक गई। शादियों के लिए जिन लोगों ने तैयारी की थी, उनकी खरीदारी नहीं हुई। इससे कपड़ा, सोना-चांदी और कॉस्मेटिक्स बाजार प्रभावित हुआ।

कपड़ों के थोक विक्रेता अज्जू करनावट ने बताया कि

शहरी क्षेत्र की ग्राहकी काफी प्रभावित हुई जिसकी वजह से हम दो साल से दोहरी मार झेल रहे हैं। बीच में बाजार की थोड़ी स्थिति सुधरी थी तो फिर लॉकडाउन में सभी की कमर तोड़ दी।

सोना-चांदी बाजार में भी नाममात्र की खरीदी हुई है। सबसे ज्यादा असर टेंट, होटल, केटरर, बैंड और शादी से जुड़े अन्य व्यवसायों पर हुआ। लोगों ने बुकिंग कराई थी, जो निरस्त हो गई। व्यापारियों का कहना है अप्रैल-मई के शादी के सीजन में सालाना कुल कारोबार की 70 प्रतिशत ग्राहकी होती है। दो साल से बाजार ठप है। पिपलिया के बैंड मालिक ने बताया कि दो साल से कोरोना के कारण हमारे बैंडों की आवाज घुट गई है।

दूसरी लहर ने फिर प्रभावित किए आयोजन –

कोरोना की दूसरी लहर ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। फिर से लॉकडाउन और विवाह समारोह पर रोक के कारण कई लोगों ने शादी आगे बढ़ाई है। अब ये शादियां जून-जुलाई में या फिर नवंबर-दिसंबर के सीजन में होने की संभावना है। यदि जून में लॉकडाउन खुलता है और शादियों के लिए परमिशन दी जाती है तो अधिकांश लोग गाइडलाइन के तहत शादियां करने को तैयार होंगे।

पिछले साल निरस्त करना पड़े थे विवाह आयोजन –

कोरोना संक्रमण के कारण 2020 में भी अप्रैल-मई का वैवाहिक सीजन लॉकडाउन में ही निकल गया था। लोगों को शादियां कैंसिल करनी पड़ी थी। इसके बाद नवंबर दिसंबर में शादियां हुईं। तब भी प्रशासन ने सीमित संख्या में मेहमानों के बीच शादियों की परमिशन दी थी। विवाह मुहूर्त कम होने से इसलिए कई लोगों ने मार्च, अप्रैल-मई 2021 में शादी करने की तैयारी की थी। इस साल भी कोरोना ने सब प्रभावित कर दिया।

आखिरी मुहूर्त 3 जुलाई –

पंडित अशोक शास्त्री के अनुसार, इस सीजन में अब केवल जून में 4, 5, 6, 18, 19, 20, 26, 27, 28 एवं 30 तारीख को है जबकि जुलाई में आखिरी मुहूर्त 3 तारीख को है इसलिए शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ दिन बाद शादी विवाह की रौनक बढ़ सकती है क्योंकि बाजार खुल गए हैं तो सामान खरीदने में दिक्कतें नहीं हैं। जुलाई में चातुर्मास के कारण मुहूर्त नहीं है। फिर नवंबर महीने में देवउठनी एकादशी से शहनाई गूंजेगी।

इस बारे में एसडीएम दिव्या पटेल ने बताया कि

ब्लॉक स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट समिति धार, तिरला, नालछा ग्राम पंचायत में बैठकों ली गई हैं। बैठक में सदस्यगण द्वारा संपूर्ण समिति की सहमति से प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर महोदय को भेजकर अनुशंसा की गई है कि शादी की परमिशन जून माह में नहीं दी जाये।