मध्यप्रदेश में 3672 बैंककर्मी संक्रमित और 46 ने गंवाई जान


यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस फोरम के संयोजक मोहन कृष्ण शुक्ला ने बताया कि पिछले सप्ताह के सरकारी आंकड़ों के हिसाब से प्रदेश में 3672 से अधिक बैंककर्मी संक्रमित हुए हैं।


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इन्दौर Published On :

इंदौर। कोरोना की दूसरी लहर भयावह साबित हो रही है। इसके चपेट में वे कर्मचारी भी आ रहे हैं जिनकी जिम्मेदारी व्यवस्था को चलाए रखने की है। अकेले मध्य प्रदेश में साढ़े तीन हजार से ज्यादा बैंककर्मी कोरोना संक्रमित हो चुक हैं। इनमें से 46 अधिकारी-कर्मचारी की मौत भी हो चुकी है।

कोरोनाकाल में वित्तीय सेवाएं प्रभावित न हो इसके लिए अब बैंक सिर्फ चार घंटे खुली रहेगी और सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक ही काम होगा। बैंक कर्मियों की बिगड़ती हालत के बाद बीते दिनों बैंक संगठनों की मांग पर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने बैंक प्रबंधन से चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है। वैसे इन दिनों बैंक में पूर्व गाइडलाइन के आधार पर काम शुरु हो चुका था।

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने बीते दिनों संक्रमण को देखते हुए कार्यसमय में कटौती की मांग उठाई। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने सभी बैंकों के प्रबंधन से बातचीत की और बैंक सेवाओं का निरंतर संचालन पर जोर दिया है। इसके बाद से सभी बैंकों में कार्यसमय प्रात: 10 बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा। ऐसे में बैंक कर्मचारियों को भी कुछ राहत मिलेगी।

हालांकि कोरोना के कारण लगाए गए लॉक डाउन के बाद से इन दिनों बैंकों में काम कम हो चुका है। बैंकों में रोटेशन से 50 प्रतिशत कर्मचारियों से ही काम किया जाएगा। शेष कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम करवाया जा सकता है।

यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस फोरम के संयोजक मोहन कृष्ण शुक्ला ने बताया कि पिछले सप्ताह के सरकारी आंकड़ों के हिसाब से प्रदेश में 3672 से अधिक बैंककर्मी संक्रमित हुए हैं।

इसके बाद फोरम में कुछ प्रस्ताव बनाकर भेजे थे, जिसे लगातार बिगड़ती स्थिति में शाखाएं बंद न करना पड़ें,  इसके लिए समय में कटौती की है।

इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने बैंकों के प्रबंधन को निर्देशित किया है कि बैंककर्मियों को बैंक परिसर में सामूहिक वैक्सीनेशन की व्यवस्था करें तथा बैंककर्मियों के संक्रमित होने की स्थिति में प्रमुख अस्पतालों में आपात चिकित्सा प्रबंध भी किए जाएं। उधर आपदा समिति की गाइडलाइन का भी बैंकों में पालन किया जाएगा।