महूः लाखों रुपये की जब्त शराब पर चला बुलडोजर, तहसील में पहली बार हुई ऐसी कार्रवाई


पुलिस द्वारा वर्ष 2014 में एक ट्रक भरकर अवैध शराब जब्त की गई थी। इस शराब का कोई भी मालिक सामने नहीं आया जिस पर न्यायालय के आदेशानुसार इस शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की गई।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
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महू। महू पुलिस द्वारा सात साल पूर्व जब्त की गई अवैध शराब को नष्ट किया गया, जिसकी कीमत तीस लाख रुपये से ज्यादा है। तहसील में पहली बार यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में की गई।

पुलिस द्वारा वर्ष 2014 में एक ट्रक भरकर अवैध शराब जब्त की गई थी। इस शराब का कोई भी मालिक सामने नहीं आया जिस पर न्यायालय के आदेशानुसार इस शराब को नष्ट करने की कार्रवाई की गई।

महू तहसील में पहली बार इस प्रकार की कार्रवाई की गई जो महू पुलिस ने की। शुक्रवार की सुबह महू थाना ने चार ट्रैक्टर भरकर यह शराब छावनी परिषद के ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाई जहां कर्मचारियों ने मैदान मे इसे जमाया, जिसमें करीब दो घंटे का समय लगा।

इसके बाद एडीएम पवन जैन, तहसीलदार धीरेंद्र पाराशर, एसडीओपी विनोद कुमार शर्मा, थाना प्रभारी दिलीप पुरी, छावनी परिषद के मनीष जैन, अनिल भाटी की मौजूदगी में इस शराब पर बुलडोजर चलाया गया।

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शराब की बोतलों व बॉक्स पर करीब पंद्रह मिनट तक बुलडोजर चलाया गया। इस शराब की कीमत 30 लाख 38 हजार रुपये बताई गई है। महू तहसील में इस प्रकार की यह पहली कार्रवाई है।

अन्य थानों में भी रखी है लाखों रुपये की शराब – 

महू के अलावा तहसील के अन्य थाने सिमरोल, मानपुर, किशनगंज, बडगोंदा में भी बड़ी मात्रा में वर्षों से जब्त की जा रही अवैध शराब रखी है, लेकिन न्यायालय में प्रकरण चलने के कारण उन्हें नष्ट नहीं किया जा सकता है।

किशनगंज थाने की आधा करोड़ की शराब जल्द ही नष्ट होगी –

सबसे ज्यादा अवैध शराब किशनगंज थाने में रखी है। जानकारी के अनुसार किशनगंगज थाने में वर्ष 1999 में जब्त की गई तकरीबन 49 लाख रुपये मूल्य की शराब को नष्ट करने के आदेश न्यायालय द्वारा नौ वर्ष पूर्व मिल चुके हैं लेकिन लापरवाही के कारण इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

एक अन्य प्रकरण की करीब दस लाख रुपये की शराब भी नष्ट होने का इंतजार में रखी है, लेकिन अभी तक कमेटी ही नहीं बनाई गई है जबकि कलेक्टर के यहां से इसके आदेश आ चुके हैं।