कांग्रेस विधायक शुक्ला का आरोप- सेवा कुंज अस्पताल से रातोरात हटाया गया ऑक्सीजन प्लांट


– 300 मरीजों के इलाज की राह में सरकार ने पैदा करवाया रोड़ा।
– प्रभारी मंत्री सिलावट ने अपने क्षेत्र के अस्पताल को भी इलाज का केंद्र नहीं बनवाया।


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इन्दौर Published On :
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इंदौर। कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार के द्वारा रातोरात कनाडिया रोड पर स्थित सेवा कुंज अस्पताल के परिसर से ऑक्सीजन का प्लांट हटवा दिया गया है।

इस प्लांट को इस मकसद से हटवाया गया है ताकि इस अस्पताल में 300 मरीजों का इलाज होने का रास्ता रोका जा सके। इंदौर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट के निर्वाचन क्षेत्र का अस्पताल होने के बावजूद मंत्री के द्वारा इस अस्पताल को उपचार का केंद्र नहीं बनने दिया गया।

शुक्ला ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि पिछले कई दिनों से हम यहां मांग कर रहे थे कि कनाडिया रोड के इस अस्पताल को कोरोना के संक्रमित मरीजों के उपचार का केंद्र बनाया जाए।

इस अस्पताल में बेड के साथ ही डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ सहित सारी सुविधाएं हैं। इस अस्पताल को जानबूझकर मरीजों का उपचार का केंद्र नहीं बनने दिया जा रहा था।

इस मामले को लेकर मेरे द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद इंदौर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट अपने निर्वाचन क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल का दौरा करने भी गए थे। इसके साथ ही प्रदेश के मंत्री डॉ उषा ठाकुर के द्वारा भी इस अस्पताल का दौरा किया गया था।

दोनों मंत्रियों के द्वारा दिखावे के लिए तो यह ऐलान किया गया था कि इस अस्पताल को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा लेकिन इसके बाद में अब यह व्यवस्था कर दी गई है कि यह अस्पताल किसी भी हालत में चालू नहीं हो सके।

विधायक शुक्ला ने कहा कि इसके बाद अब अचानक ही इस मामले में नया मोड़ आ गया। सरकार के द्वारा दबाव बनाकर इस अस्पताल में लगा हुआ ऑक्सीजन प्लांट वहां से हटवा दिया गया है। रातोरात इस प्लांट को हटवाया गया है।

इसके साथ गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों का उपचार करने का रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। इंदौर के प्रभारी मंत्री सिलावट भी सांवेर में तो 100 बिस्तर का अस्पताल खोलने की बात करते हैं लेकिन 300 बिस्तर के अस्पताल में उपचार शुरू नहीं हो यह सुनिश्चित करने में लगे रहते हैं।

शुक्ला ने कहा कि इस मामले में मेरे द्वारा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से भी चर्चा की गई थी। उन्हें भी यह जानकारी दी गई थी। इसके बाद में विजयवर्गीय के द्वारा अधिकारियों की बैठक लेकर इस अस्पताल को चालू करने के निर्देश दिए गए थे।

इस निर्देश के बाद में यह खेल किया गया है जिससे कि इस अस्पताल को चालू करने की संभावना पूरी तरह से समाप्त हो जाए। शुक्ला ने इसे इंदौर के साथ अन्याय के रूप में रेखांकित किया है।