इंदौरः मास्क नहीं पहनने पर होगी गिरफ्तारी, फिलहाल लॉकडाउन नहीं


इंदौर में प्रतिदिन बढ़ती कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए अब जिला कलेक्टर मनीष सिंह सख्ती से कोरोना से निपटने की तैयारी में जुट गए है।


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इंदौर। इंदौर में प्रतिदिन बढ़ती कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए अब जिला कलेक्टर मनीष सिंह सख्ती से कोरोना से निपटने की तैयारी में जुट गए है।

इंदौर कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अगले एक से दो दिन में सख्ती बढ़ाई जाएगी। जो मास्क नहीं लगायेगा उसकी गिरफ्तारी भी की जाएगी। ऐसे में भले ही उस शख्स को बाद में छोड़ दिया जाए, लेकिन गिरफ्तारी जरूर होगी।

हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया कि ये सब इसलिये किया जा रहा है ताकि शहर सामान्य रूप से चल सके, लोगों की व्यवसायिक और औद्योगिक गतिविधियां चल सके, लोगों की रोजी-रोटी चल सके, जो नौकरी पर जा रहा है वो नौकरी पर जा सके।

कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि सीएम ने बैठक में माइक्रो कंटेन्मेंट झोन बनाने के भी निर्देश दिये हैं। अब आने वाले एक-दो दिन में उन स्थानों पर ऐसे माइक्रो कंटेन्मेंट झोन बनाये जाएंगे जहां एक ही एरिये में 15 से 25 केस आये हों।

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने बुधवार को बैठक के बाद कहा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बैठक के दौरान हर जिले की कोरोना स्थिति को लेकर समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सीएम ने जानकारी ली कि हॉस्पिटल में किस प्रकार की व्यवस्था है। किस प्रकार से संक्रमण को रोका जाए और किस प्रकार से वैक्सीनेशन की योजना हो।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के सीएम का ये ही कहना है कि जो व्यवसायिक और औद्योगिक गतिविधियां है वो किसी भी प्रकार से प्रभावित नही होना चाहिये।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि शहर को सामान्य रूप से चलाना है तो उसके लिए आवश्यक है कि शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन जो गाइडेंस दे रहे हैं उनका पालन आम जनता को करना चाहिए।

मनीष सिंह ने कहा कि सबकुछ जनता पर निर्भर करता है। यदि ठीक से जनता ने मास्क पहन लिया और साथ मे वैक्सीनेशन करा लिया तो उससे बहुत सारी चीजें संभल जाएंगी जिसका प्रभाव आने वाले दिनों में देखने को मिल सकता है।

फिलहाल, इंदौर में लॉकडाउन तो नहीं लगेगा लेकिन प्रशासन का जोर इस बात पर रहेगा कि जनता मास्क पहने और वैक्सीनेशन करवाये ताकि इंदौर में कोरोना की चैन टूटे और फिर से आर्थिक राजधानी इंदौर की जिंदगी दोबारा पटरी पर लौट सके।

इससे पहले मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारियों की बैठक लिए जाने के पहले आशंका जताई जा रही थी कि या तो नाइट कर्फ्यू के टाइमिंग को बढ़ाया जाएगा या फिर तालाबंदी जैसा कोई ठोस कदम भी उठाया जा सकता है लेकिन अभी इस बात को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।