महू में कलेक्टर ने दिए निर्देश, हर पंचायत में शुरू होंगे कोविड केयर सेंटर


कलेक्टर मनीष सिंह ने शुक्रवार को आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिकाओं व ग्राम रोजगार सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि शहर के शासकीय व निजी अस्पतालों में अब बिस्तर नहीं हैं ऐसे में हर पंचायत में कोविड सेंटर शुरू किए जाएंगे।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
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महू। मामूली लक्षण को भी गंभीरता से लें तथा जिनमें ऐसे लक्षण दिख रहे हैं उनका तत्काल सैम्पल दिलवा कर उपचार शुरू करवाएं। शहर के शासकीय व निजी अस्पतालों में अब बिस्तर नहीं हैं ऐसे में हर पंचायत में कोविड सेंटर शुरू किए जाएंगे।

यह बात कलेक्टर मनीष सिंह ने शुक्रवार को आशा, आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिकाओं व ग्राम रोजगार सचिवों को संबोधित करते हुए कही।

कलेक्टर ने यहां सभी को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इसे देखते हुए यहां ज्यादा सर्तकता और सक्रियता की आवश्यकता है।

हर कार्यकर्ता गांव के हर घर व हर व्यक्ति के स्वास्थ्य की जानकारी एकत्र करें। मामूली से लक्षण दिखने पर तत्काल पूरे परिवार की जांच कराएं व रिपोर्ट आने तक उन्हें वहीं होम आइसोलेशन में रखें।

जिन घरों में सदस्य ज्यादा हों व जगह कम हो तो उन्हें कोविड केयर सेंटर भेजें। हर घर में दवा का वितरण अनिवार्य रूप से करें।

कलेक्टर ने छोटी पंचायतों में बीस व बड़ी पंचायतों में पच्चीस बिस्तर वाले कोविड सेंटर तैयार करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि यहां सभी प्रकार की व्यवस्था व सुविधा मुहैया कराई जाएंगी।

अगर किसी सेंटर को शुरू करने में कोई परेशानी हो रही है या संसाधनों की कमी है तो तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें। इस मौके पर हर पंचायत में जनता कफर्यू का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए।

जिला पंचायत सीईओं हिमांशुचंद्र राय ने कहा कि कार्यकर्ता अपने स्तर पर ग्रामीणों को नियमों का पालन करवाएं, नियमों का उल्लंघन करने वालों की जानकारी प्रशासन को दें जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि हम पूरा प्रयास कर रहे हैं कि कोरोना की चेन टूटे। साथ ही संक्रमितों के उपचार की भी व्यवस्था लगातार की जा रही है।

संक्रमण से मरने वालों की संख्या को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ विसंगतियां जरूर हैं। अस्पतालों से समय पर इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के सवाल पर सिंह ने कहा कि यह कमी बनी हुई है और इसे दूर करने की कोशिश जारी है। बैठक को डीआईजी मनीष कपूरिया ने भी संबोधित किया।



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