भाई ने ही भांजे के साथ मिलकर की बड़े भाई की हत्या, नेपाल भागने से पहले दबोचे गए


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हथौड़ी से वार कर हत्या करना सामने आया था। इसके बाद एसडीओपी विनोद शर्मा के निर्देशन व थाना प्रभारी दिलीप पुरी के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गई।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Published On :
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महू। छह दिन पूर्व एक घर में मिली लाश का पर्दाफाश हो गया। मृतक के भाई ने ही अपने भांजे के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों मामा-भांजा नेपाल भागने की फिराक में थे, लेकिन इसके पूर्व ही महू पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

एएसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि 14 जुलाई को सिमरोल रोड बंगला नंबर 125 में किराये से रहने वाले संजीत (34 साल) पिता कन्हैयालाल की लाश मिली थी जो करीब पांच दिन पुरानी थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हथौड़ी से वार कर हत्या करना सामने आया था। इसके बाद एसडीओपी विनोद शर्मा के निर्देशन व थाना प्रभारी दिलीप पुरी के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी फुटेज में पाया गया कि 8 जुलाई की शाम को अंतिम बार मृतक संजीत शर्मा का भाई दीपक शर्मा और भांजा लक्ष्मण कुमार उसके साथ दिखे थे। इसके बाद रात को भाई व भांजा दोनों उसके वाहन से जाते हुए नजर आए।

मृतक के महू के गुजरखेड़ा में रहने वाले दो अन्य भाइयों ने पूछताछ में बताया कि दीपक का भाई से पैसे को लेकर विवाद था, जो घटना के बाद से गायब है।

दीपक बेंगलुरु में एक कंपनी में काम करता था, लेकिन लॉकडाउन के कारण उसका काम बंद हो गया जिस कारण वह तीन माह पूर्व महू आकर संजीत के साथ काम करने लगा। मृतक व उसके भाई मूल रूप से बिहार के मोतिहारी जिला के निवासी हैं।

तत्काल पुलिस ने एक दल वहां भेजा तो पता चला कि दोनों वहां नही हैं। चूंकि नेपाल बॉर्डर पास ही है तो स्थानीय पुलिस की मदद से वहां तलाश की गई जहां से दोनों को गिरफतार कर लिया गया। दोनों आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे।

पूछताछ में हत्या के आरोपी भाई दीपक ने बताया कि उसने महू में मकान खरीदने के लिए संजीत को ढाई लाख रुपये दिए थे, लेकिन ना तो उसने मकान खरीदा और ना ही मांगने पर राशि वापस कर रहा था।

इसके अलावा साथ में काम करने के बावजूद पैसे नहीं देता था। इसी कारण उसकी हत्या कर दी। दोनों आरोपियों को पकड़ने में सहयोग करनेवाली टीम को एसपी पश्चिम महेशचंद्र जैन ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।