पाथ फाउंडेशन के सहयोग से शहर को प्लास्टिक व पॉलीथीन मुक्त करेगा छावनी बोर्ड


महू शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए छावनी परिषद द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। इसी दिशा में शहर को पॉलीथीन तथा प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए भी कारगर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं जिसमें पाथ इंडिया सहयोग कर रहा है।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Published On :
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महू। शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए छावनी परिषद द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है। इसी दिशा में शहर को पॉलीथीन तथा प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए भी कारगर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं जिसमें पाथ इंडिया सहयोग कर रहा है।

माना जा रहा है कि यदि शहर के आम नागरिकों की जागरूकता व सहयोग मिलता रहा तो जल्दी ही शहर पॉलीथीन व प्लास्टिक मुक्त बन जाएगा।

अमानक पॉलीथीन व प्लास्टिक का उपयोग शहर की सबसे बड़ी समस्या बनता जा रहा है। इसके विक्रय पर रोक के तमाम प्रयास व कार्रवाई भी नाकाफी सिद्ध हो रही थी।

यही कारण है कि शहर के दुकानदारों के साथ-साथ आम नागरिक इसके संभावित खतरे को नजरअंदाज कर खुलेआम इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

अब इस दिशा में छावनी परिषद ने एक और प्रयास शुरू कर दिया है। इसके तहत पहले परिषद ने अपनी ही इमारत में कागज के बैग व कपड़े की थैलियां बनवाने का काम शुरू किया था जिससे महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा था।

लेकिन, उसकी गुणवत्ता आम दुकानदारों को पसंद नहीं आ रही थी। इसका एक कारण यह भी था कि इसके लिए विशेषज्ञ से प्रशिक्षण की कमी, लेकिन अब इसमें पाथ फाउंडेशन सहयोग कर रहा है।

परिषद के सीईओ डॉ. राजेंद्र जगताप ने बताया कि यह योजना छावनी परिषद की है क्योंकि पूर्व में मांग के अनुपात में हम उसकी पूर्ति नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए पाथ फाउंडेशन ने इसमें सहयोग की पेशकश की।

इस प्रयास के प्रथम चरण में हम महू के दुकानदारों को अलग-अलग साइज की निःशुल्क थैलियां वितरित करेंगे। इसके बाद दुकानदार अपनी आवश्यकता अनुसार हमें ऑर्डर देगा जिसे पाथ फाउंडेशन बिना लाभ-हानि के यानि न्यून्तम दर पर जो बाजार से कम होगी, पर उपलब्ध कराएगा।

इसके लिए पाथ फाउंडेशन की टीम शहर में काम भी करेगी। प्रथम चरण में पाथ फाउंडेशन ने पंद्रह हजार बैग तैयार किए हैं जिसका जल्दी ही वितरण किया जाएगा।

परिषद के स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक मनीष अग्रवाल के अनुसार तमाम प्रयासों के बाद भी महू के नागरिक पॉलीथीन का उपयोग कम नहीं कर रहे हैं। इसका अंदाजा प्रतिदिन एकत्र किए जा रहे कचरे में बड़ी मात्रा में मिलने वाली पॉलीथीन व प्लास्टिक से लगाया जा सकता है।

परिषद के सीईओ डॉ. राजेंद्र जगताप ने आम नागरिकों से शहर के हित में अमानक पॉलीथीन व प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की।