थाना परिसर के बाहर महिला कर रही थी हाथ की नस काटने की कोशिश, अस्पताल में भी किया हंगामा


महू थाना परिसर के बाहर सोमवार को एक महिला ने अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया, जिसे शासकीय मध्य भारत अस्पताल भेजा गया जहां महिला ने दो घंटे तक जमकर हंगामा किया।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
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महू। महू थाना परिसर के बाहर सोमवार को एक महिला ने अपने हाथ की नस काटने का प्रयास किया, जिसे शासकीय मध्य भारत अस्पताल भेजा गया जहां महिला ने दो घंटे तक जमकर हंगामा किया। उस पर काबू पाने के लिए बेहोशी का इंजेक्शन भी लगाया गया लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ।

इस दौरान महिला ने पुलिस जवानों व अस्पताल के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा कई बार चिकित्सकीय औजार से हमला करने की कोशिश भी की।

सोमवार की दोपहर तीन बजे मध्य भारत अस्पताल में एक महिला ने खूब हंगामा किया। उक्त महिला महू पुलिस स्टेशन परिसर के बाहर बंद दुकान के ओटले पर अपने हाथ की नस काटने का प्रयास कर रही थी जिसे कुछ युवक ने देख कर डायल 100 की मदद से अस्पताल भिजवाया।

उक्त महिला ने यहां करीब दो घंटे तक काफी हंगामा किया। हाथ में बंधी पटटी को निकाल कर फेंक दिया व वहां रखे औजार से कर्मचारियों पर हमला करने का प्रयास किया।

महिला की हरकत को देख मौजूद कर्मचारी सहम गए। चूंकि वह महिला थी तो तत्काल महिला सुरक्षा व सफाई कर्मचारियों को बुलवा कर उसे ड्रेसिंग कमरे में बंद कर दिया गया।

इस दौरान पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन वह किसी के बस में नहीं आ रही थी। सभी से अभद्र व्यवहार किया। जब उसके मोबाइल से परिजनों को जानकारी देने का प्रयास किया तो मोबाइल भी छिन लिया।

वह अपने बारे में किसी प्रकार की जानकारी देने की बजाय लगातार अभद्र व्यवहार कर रही थी और कोई उपचार नहीं करने दे रही थी। उसे बेहोशी का इंजेक्शन भी लगाया गया, लेकिन उसका भी कोई असर नहीं हुआ।

 

 

उक्त महिला अपना नाम प्रीति पति निलेश बता रही थी, लेकिन कभी पता राउ तो कभी इंदौर के कालानी नगर का बता रही थी। उसने यह कहा कि वह यहां किसी से मिलने आई थी, लेकिन अब वह फोन नहीं उठा रहा है।

इस कारण उसने आपा खो दिया। यह हंगामा दो घंटे तक चलता रहा। इस पूरे समय उसकी निगरानी के लिए पुलिस के चार-चार जवान तथा अस्पताल के चार सुरक्षाकर्मी तैनात रहे ताकि वह कोई गलत कदम ना उठा ले।

करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस जवानों ने उसे शांत करवा कर बात की तो उसने बताया कि वह बांगदड़ा निवासी है तथा पारिवारिक कारणों से तनाव में थी जिस कारण वह यहां आ गई।

उसने कहा कि वह जैसे आई थी, वैसे ही चली जाएगी। इसके बाद महिला को पुलिस ने एक ऑटो चालक के माध्यम से रवाना करवा दिया।