अस्पताल में भीषण आग से 8 लोगों की दर्दनाक मौत, डायरेक्टर और मैनेजर सहित चार पर मामला दर्ज


आग के बीच वार्डों में भर्ती मरीज नहीं निकल सके। मरने वालों में कई मरीज हैं तो कुछ अस्पताल स्टाफ के लोग भी हो सकते हैं।


देश गांव
जबलपुर Updated On :

जबलपुर। शहर के एक निजी अस्पताल में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई इसमें करीब 8 लोगों की मौत हुई है। न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिटी नाम के इस अस्पताल में आग मेन गेट पर लगे जनरेटर से निकली एक चिंगारी के कारण लगी।

आग बुझाने के दौरान अस्पताल की लापरवाही भी सामने आई बताया गया कि आग बुझाने की पर्याप्त उपकरण अस्पताल में लगाई नहीं गए थे और ना ही पर्याप्त पानी की व्यवस्था पहले से की गई थी। नगर निगम की रिपोर्ट में अस्पताल को कई मामलों में लापरवाही का दोषी बताया गया है। पुलिस ने इस मामले में अस्पताल के डायरेक्टर और मैनेजर सहित चार लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। अस्पताल संचालन के लिए अनुमति देने वाले सरकारी अफसरों की भूमिका की जांच भी की जा रही है।

अस्पताल में यह भीषण आग दोपहर करीब 2:30 बजे लगी। जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग बुझाने के प्रयास में अस्पताल में करंट भी फैल गया जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई थी। कुछ मरीजों को छत के रास्ते दूसरी इमारत में भी पहुंचाया गया।

शुरुआत में 4 लोगों के मरने की खबर आई लेकिन बाद में यह आंकड़ा 8 और अब 10 बताया जा रहा है। इसके अलावा 13 लोग आग में झुलस गए हैं। वहीं अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि अस्पताल में कुल कितने मरीज भर्ती थे।

प्रदेश सरकार ने मृतकों को 5 लाख रु और हताहतों को 50 हजार रु की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि आग से मरने वालों की संख्या अभी और भी बढ़ सकती है।

न्यू लाइफ मल्टी सिटी अस्पताल शिवनगर के आईटीआई रोड पर  है। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है हालांकि अब तक इस बारे में कोई पुष्टि नहीं की गई है। दोपहर में आग लगने के बाद अस्पताल में अचानक भगदड़ मच गई। इस बीच वार्डों में भर्ती मरीज नहीं निकल सके। मरने वालों में कई मरीज हैं तो कुछ अस्पताल स्टाफ के लोग भी हो सकते हैं। अस्पताल स्टाफ में 100 लोगों की संख्या बताई जा रही है।

शव प्रशासन के मुताबिक मृतकों की पहचान करना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है क्योंकि उनके शव बुरी तरह झुलस चुके हैं। वहीं अस्पताल के रिकॉर्ड भी रिकवर करना मुश्किल माना जा रहा है। आग लगने पर पहुंचे दमकल वाहनों ने करीब 1 घंटे तक आपको बुझाने का प्रयास किया और आखिर में उस पर काबू पा लिया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने घटना पर दुख जताया है उन्होंने घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री नए प्रदेश सरकार की ओर से मृतकों को 5 लाख  और आता हाथों को 50 हजार की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।



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