जीत के बाद मतदाताओं का आभार जताने पहुंचे कमलनाथ

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राजनीति Published On :

भोपाल। प्रदेश की एक लोकसभा और तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजों के बाद जीत हार पर मंथन जारी है। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ गुरुवार को रैगांव पहुंचे और यहां जीत के लिए मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। वहीं शिवराज सरकार के मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने गलत प्रत्याशी के चयन को रैगांव में भाजपा की हार का कारण बताया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ गुरुवार को रैगांव की जनता की बीच पहुंचे और कांग्रेस की जीत के प्रति आभार जताया। कमलनाथ ने यहां कहा कि रैगांव की जनता का धन्यवाद , जनता ने कांग्रेस और सच्चाई का साथ देकर यहां 32 साल के बाद इतिहास रचा है।

कमलनाथ ने रैगांव में मिली जीत को कार्यकर्ताओं की जीत बताते हुए कहा कि हमने रैगांव विधानसभा के 313 बूथ में से लगभग 200 बूथ जीते हैं। इसके लिए मैं कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूँ।  ये जीत कल्पना वर्मा और कमलनाथ की नहीं है ये जीत हर कांग्रेस कार्यकर्ता की है।

कमलनाथ ने यहां आभार सभा व किसान सम्मेलन में कहा कि हमने सभी सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। पृथ्वीपुर और जोबट विधानसभा सीट पर बीजेपी ने चुनाव लूटा है लेकिन रैगांव में हमने इतिहास बनाया है।आप सब ने जो इतिहास बनाया उसके लिए धन्यवाद,लेकिन 23 महीने बाद फिर चुनाव है। यहाँ फिर कांग्रेस का झंडा लहराना है।

केंद्र की मोदी सरकार पर भी कमलनाथ ने हमला बोला। उन्होंने कहा किमोदी जी ने 2014 में 2 करोड़ रोज़गार, 15-15 लाख, किसानों की आमदनी दोगुनी की बात कही, लेकिन 2019 में ये बातें नहीं की, ध्यान भटकाने के लिये राष्ट्रवाद की बात करने लगे।

दूसरी ओर प्रदेश के पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के मुताबिक रैगांव विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार गलत प्रत्याशी चुनने से हुई है।

महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि रैगांव के भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया है कि उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार का चयन सही नहीं था। गुना प्रवास पर पहुंचे मंत्री सिसोदिया ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में यह बात कही।

हालांकि भाजपा में संगठन स्तर पर रैगांव में हार के कारणों की समीक्षा की जा रही है लेकिन इस बीच मंत्री सिसोदिया का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। यह पहली बार है जब पार्टी के किसी नेता ने प्रत्याशी चयन में हुई गलती की बात स्वीकारी है।

इससे पहले उपचुनाव के नतीजों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यहां हार का कारण बसपा के चुनाव न लड़ने को बताया था।

उन्होंने कहा था कि बसपा यहां से चुनाव लड़ती रही थी लेकिन बसपा ने इस बार रैगांव सीट से अपना उम्मीदवार नहीं उतारा। इसके चलते बसपा का वोटबैंक कांग्रेस की ओर चला गया। जिसके चलते बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि रैगांव सीट से भारतीय जनता पार्टी ने प्रतिमा बागरी को उम्मीदवार बनाया था। उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा ने हराया। साल 2018 में यहां से भाजपा के जुगल किशोर बागरी ने पार्टी का परचम लहराया था।

कोरोना के कारण उनकी मृत्यु के बाद इस सीट पर उपचुनाव में बागरी परिवार से ही दावेदार सामने आये थे। इसमें सबसे बड़ा नाम जुगल किशोर बागरी के बेटे पुष्पराज बागरी का था।

कहा जाता है कि पुष्पराज को पार्टी ने टिकट देने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि ऐन वक्त पर प्रत्याशी बदल दिया गया था।

 

उक्त ख़बर जोशहोश मीडिया से ली गई है। 



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