लखनऊ पहुंची लखीमपुर में लगी आग, अखिलेश यादव गिरफ़्तार, किसानों को कुचलने के मामले में केंद्रीय मंत्री के बेटे पर एफआईआर


अखिलेश की गिरफ्तारी से नाराज भीड़ ने पुलिस वाहन में आग लगाई


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राजनीति Updated On :

लखनऊ। लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति में दिखाई दे रहा है। यहां सोमवार सुबह से ही हंगामा शुरु हो गया जब सपा प्रमुख अखिलेश यादव लखीमपुर जाने वाले थे। खबरों के मुताबिक सपा अध्यक्ष के घर के बाहर पुलिस द्वारा एक बड़ा ट्रक सड़क के बीचों-बीच खड़ा कर दिया गया।

इसके अलावा उन्हें हाउस अरेस्ट करने की कोशिश की गई। इस बीच किसानों की ओर से की जा रही एक मांग मान ली गई है। पुलिस ने गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी उर्फ मोनू पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

इस दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। अखिलेश ने कहा कि किसानों पर अंग्रेजों के शासन से भी ज्यादा जुल्म भाजपा सरकार कर रही है। उन्होंने हिंसा के मामले में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री के इस्तीफे और किसानों को 2-2 करोड़ का आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

अपने नेता की गिरफ्तारी के बाद से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता गुस्सा गए और अखिलेश के धरने से कुछ दूरी पर भीड़ ने पुलिस की एक जीप में आग लगा दी।  पुलिस ने विपक्ष के कई नेताओं को लखीमपुर खीरी पहुंचने से रोकने के लिए उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया है।

 

इनमें बसपा महासचिव सतीश मिश्र, कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी, सलमान खुर्शीद, आराधना मिश्रा और शिवपाल यादव शामिल हैं। इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

मंत्री अजय मिश्र के बेटे पर हत्या का केस
लखीमपुर में हुई हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र समेत 14 लोगों पर हत्या, आपराधिक साजिश और बलवे का केस दर्ज हुआ है। यह केस बहराइच के नानपारा के रहने वाले जगजीत सिंह आवेदन पर तिकुनिया थाने में लिखा गया है।

लखीमपुर खीरी में रविवार को किसान आंदोलन के बीच भड़की हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, सोमवार सुबह एक पत्रकार का शव भी बरामद हुआ है। इसको मिलाकर अब तक मरने वालों की संख्या नौ हो चुकी है।