महाकाल लोक निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, अधिकारियों ने ठेकेदार को दिया फायदा!


कलेक्टर और निगम कमिश्नर सहित 15 अधिकारियों को लोकायुक्त का नोटिस, टेंडर में हेरफेर का आरोप


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इंदौर। महाकाल मंदिर में महाकाल लोक के उद्धाटन के कुछ दिनों के दस दिनों के अंदर ही अब इसके निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने अपनी कार्रावाही शुरु कर दी है। लोकायुक्त को जो  शिकायत की गई है उसमें आरोप है कि  अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करके एक ठेकेदार को आर्थिक लाभ पहुंचाया है। शुरुआती जांच में यह आरोप सही पाए गए हैं। जिसके बाद उज्जैन कलेक्टर और तीन अन्य आईएएस अधिकारियों को लोकायुक्त ने नोटिस जारी किया है। अधिकारियों को इस नोटिस का जवाब 28 अक्टूबर तक देने के लिए कहा गया है।

शिकायत के अनुसार महाकाल लोक के पहले चरण में जो पार्किंग का निर्माण किया गया है उसमें तय गुणवत्ता से हल्का काम किया गया और इसके लिए ठेकेदार को भुगतान भी बिना किसी बिलों की जांच अथवा निरीक्षण के बाद कर दिया गया। अधिकारियों ने इस पर किसी तरह की आपत्ति भी ज़ाहिर नहीं की।

महाकाल मंदिर के विस्तार प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी उज्जैन प्रशासन के साथ स्मार्ट सिटी और नगर निगम की थी। ऐसे में इस मामले में तीनों के अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। लोकायुक्त की ओर से उज्जैन कलेक्टर और स्मार्ट सिटी के अध्यक्ष आशीष सिंह, उज्जैन समार्ट सिटी के तत्कालीन सीईओ क्षितिज सिंह और तत्कालीन आयुक्त अंशुल गुप्ता को नोटिस भेजा है।

इनके अलावा उज्जैन स्मार्ट के निदेशक सोजन सिंह रावत, दीपक रत्नावत, स्वतंत्र निदेशक श्रीनिवास नरसिम्हा राव पांडुरंगी, मुख्य परिचालन अधिकारी आशीष पाठक, तत्कालीन मुख्य परिचालन अधिकारी जितेंद्र सिंह चौहान शामिल है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया गया है।

महाकाल लोक में स्मार्ट सिटी द्वारा बनाए गए स्मार्ट पार्किंग में ओपन सरफेस शेड के टेंडर में तय बदलाव किए गए और ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए हल्की गुणवत्ता का समान लिया गया। इस तरह ठेकेदार को करीब एक करोड़ रुपए का लाभ मिला है।

इस मामले में भोपाल लोकायुक्त ने जांच शुरु की और उज्जैन में आकर बदले गए सामानों की जांच की। इस दौरान बहुत से दस्तावेज भी जब्त किये गए। इस बारे में तत्कालीन निगमायुक्त अंशुल गुप्ता को नोटिस देकर बयान दर्ज करने बुलाया भी गया। इसके बाद अन्य अधिकारियों को भी नोटिस जारी किये गए।

इस बारे में हमने कुछ अधिकारियों से बात करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मुख्य परिचालन अधिकारी आशीष पाठक के हवाले से कहा गया है कि परियोजना में सरफेस पार्किंग के कंस्ट्रक्शन ऑफ ओपन सरफेश पार्किंग शेड वीथ सोलर पीवी सिस्टम प्रोजेक्ट के अंतर्गत तकनीकी टीम की अनुशंसा एवं प्रोजेक्ट की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए काम किए गए हैं । जिसके तहत एक अधिकृत आइटम को अन्य अधिकृत आइटम से परिवर्तित करने का निर्णय लिया गया था।

 



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