गुजरात दंगों में नरसंहार के लिए पीएम मोदी को ज़िम्मेदार बताने वाली बीबीसी की डॉक्युमेंट्री “द मोदी क्वेश्चन” रिलीज़ होते ही बैन!


मोदी पर बनी इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है, इसे सभी मीडिया प्लेटफार्म से हटाया जा रहा है.


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BBC Documentry on Gujrat Riots _ Deshgaon news

भोपाल। बीते दो दिनों से भारत में बीबीसी की एक डॉक्यूमेंट्री की चर्चा काफी हो रही है। हालांकि शुरुआत में इसकी चर्चा केवल एक सीमित तपके में थी लेकिन गुरुवार के बाद यह आम लोगों तक पहुंच गई। दरअसल बीबीसी ने अपनी एक डॉक्यूमेंट्री रिलीज़ की है जो साल 2002 में हुए गुजरात दंगों में है। बीबीसी ने अपनी इस डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर नरसंहार का ज़िम्मेदार बताया है।

द मोदी क्वश्चन नाम की यह डॉक्यूमेंट्री कहती है कि मोदी सरकार के राज के दौरान गुजरात में मुस्लिम महिलाओं के साथ योजनाबद्ध तरीके के दुष्कर्म किया गया। बीबीसी के पत्रकारों ने इस डॉक्युमेंट्री के लिए कई इंटरव्यू किए लोगों से बात की। इसमें कई रिपोर्ट्स का भी हवाला दिया गया है। इस डॉक्युमेंट्री के रिलीज़ होते ही केंद्र की मोदी सरकार बीबीसी से नाराज़ हो गई और इसे भारत विरोधी प्रौपेगांडा बताया और खारिज कर दिया। इसक बाद यह डॉक्युमेंट्री बीबीसी के यूट्यूब पेज से भी हटा ली गई।  हालांकि इसके बावजूद बहुत से सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस डॉक्यूमेंट्री के कई हिस्से नजर आ रहे हैं। देश में पीएम नरेंद्र मोदी के आलोचक इस डॉक्युमेंट्री के हटाए जाने पर सवाल उठा रहे हैं और इसके कुछ हिस्सों को साझा कर रहे हैं।

 

इसके बाद केंद्र सरकार और भाजपा की पक्षधर मानी जानी वाले ज्यादातर भारतीय मीडिया संस्थानों ने बीबीसी की इस डॉक्युमेंट्री को खारिज कर इस संस्थान के मकसद पर सवाल किए हैं। वहीं कांग्रेस ने इस डॉक्युमेंट्री की रिलीज़ रोकने पर मोदी सरकार को डरपोक कहा है।

 

वहीं भाजपा और केंद्र सरकार के विभाग इसे लेकर पीएम नरेंद्र मोदी का बचाव कर रहे हैं।

17 जनवरी को रिलीज़ हुए BBC की इस  “द मोदी क्वेश्चन” नाम की डॉक्यूमेंट्री का पहला एपिसोड मंगलवार को रिलीज किया था लेकिन इसका प्रसारण रोक दिया गया।  डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि गुजरात दंगों के बाद ब्रिटिश सरकार ने एक जांच कमेटी गठित की थी और टीम को गुजरात जाकर पता लगाने के लिए भेजा गया था। हालांकि, तब से लेकर अबतक इस रिपोर्ट को दबाकर रखा गया था। जिसे बीबीसी के खोजी पत्रकारों ने डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से उजागर कर दिया।

इस डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि जांच दल द्वारा यूके सरकार को दी गई रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि ‘हिंसा का दायरा, जितना रिपोर्ट किया गया उसकी तुलना में बहुत अधिक था’ और ‘मुस्लिम महिलाओं का व्यापक एवं योजनाबद्ध तरीके से बलात्कार किया गया’ क्योंकि हिंसा ‘राजनीतिक रूप से प्रेरित’ थी। इसमें आगे कहा गया है कि दंगों का उद्देश्य ‘मुसलमानों का हिंदू क्षेत्रों से सफाया’ करना था। इस तरह इस डॉक्युमेंट्री में सीधे तब के सीएम नरेंद्र मोदी को इन दंगों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

इस डॉक्युमेंट्री में आया एक पूर्व अधिकारी का बयान भी चर्चाओं में है जिन्होंने गोपनीयता की शर्त पर बीबीसी से कहा कि ‘हिंसा व्यापक रूप से एक चरमपंथी हिंदू राष्ट्रवादी समूह विहिप द्वारा आयोजित की गई थी।’ बता दें कि 2002 के दंगों के बाद ब्रिटिश सरकार ने मोदी द्वारा रक्तपात को न रोकने के दावों के आधार पर उनका राजनयिक बहिष्कार किया था, जो अक्टूबर 2012 में समाप्त हुआ।

 



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