MP : रोजाना बढ़ रहा कोरोना का संक्रमण, हर दिन मिल रहा परेशान करने वाला आंकड़ा


इंदौर में 1963 संक्रमित मिले हैं। यहां ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट BA.2 की 21 मरीजों में पुष्टि हुई है।


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बड़ी बात Updated On :

भोपाल। प्रदेश में कोरोना संक्रमण रोजाना ही बढ़ रहा है। हर दिन यहां परेशान करने वाले आंकड़े मिल रहे हैं। मध्यप्रदेश में संक्रमण से एक दिन में आठ लोगों की मौत हुई है। इनमें से तीन लोगों की मौत इंदौर और तीन की जबलपुर में हुई है। वहीं सागर और ग्वालियर में भी एक-एक मौत हुई है।

सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने संक्रमित होने की जानकारी ट्वीट के ज़रिये दी। इससे पहले उनके बेटे और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह भी संक्रमित हो चुके हैं।

भोपाल में सोमवार को 2024 नए संक्रमित मिले हैं। संक्रमितों की संख्या के मामले में भोपाल इस बार इंदौर से आगे है। इसके बाद इंदौर में 1963 संक्रमित मिले हैं। यहां ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट BA.2 की 21 मरीजों में पुष्टि हुई है।

खबरों के मुताबिक अरबिंदो मेडिकल कॉलेज की लैब ने ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट की 21 मरीजों में पहचान की है। इनमें नए वैरिएंट वाला संक्रमण मिला है। इन मरीजों में लंग्स इनवॉल्मेंट 35 से 40% तक है।

संक्रमित होने वाले 21 मरीजों में दो नवजात हैं जिनकी उम्र महज़ एक और दो माह है। वहीं सात और दस साल के दो बच्चे और एक सत्रह वर्षीय किशोर भी शामिल है।  सबसे अधिक उम्र वाले मरीज की उम्र 86 साल है।

अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के चेयरमेन डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि जिन्होंने दोनों वैक्सीन की डोज लगवाई, उनमें संक्रमण का स्तर कम मिला। दोनों डोज लगाने वालों के फेफड़े ज्यादा संक्रमित नहीं हुए।

 प्रदेश में जबलपुर में 840 नए संक्रमित मिले हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 5010 हो चुकी है। वहीं ग्वालियर में सोमवार को 411 और सागर में 208 नए संक्रमित मिले हैं।

ग्वालियर में एक तैंतीस वर्षीय महिला नम्रता जैन की मौत संक्रमण से बताई जा रही है। ग्वालियर में इस महीने कोरोना संक्रमण से यह 6वीं मौत है। मरने वालों में 5 ग्वालियर के और एक मुरैना का रहने वाला था।

जबलपुर में भी संक्रमण की स्थिति परेशान कर रही है। यहां रोजाना सैकड़ों नए मामले तो आ रहे हैं इसके साथ ही संक्रमण से अब तक यहां कई लोगों की मौत भी हो चुकी है।

सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक यहां एक दिन में 3 जानें गईं। नेपियर टाउन में 85 वर्षीय बुजुर्ग हृदय रोग से पीड़ित थे। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराए गए। जांच में संक्रमित मिले थे।

शीतला माई निवासी 49 वर्षीय पुरुष की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दमोह की 77 साल की महिला ने भी दम तोड़ा। दोनों को भी दूसरी बीमारियां थी।

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने फ्रंटलाइन और हेल्थकेयर वर्कर्स के लिए बूस्टर डोज लगवाना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा नहीं करने वालों का वेतन रोक लिया जाएगा। उन्हें वेतन तब ही मिलेगा, जब वे बूस्टर डोज लगवा लेंगे।

इस मामले में सख्ती दिखाते हुए कलेक्टर ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश जारी किए हैं। कहा गया है कि वेतन तब ही जारी करें, जब संबंधित द्वारा तीसरे डोज (बूस्टर) का सर्टिफिकेट दिखाया जाए। ट्रेजरी को भी इस बाबत अवगत कराया गया है कि वे वेतन तब ही जारी करें, जब संबंधितों को बूस्टर डोज लग गया हो।



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