इन नए नवेले धर्मगुरुओं के चक्कर में कलेक्टर और एसपी झेल रहे मानवाधिकार आयोग के नोटिस


दोनों धर्म गुरु हालही के कुछ वर्षों में प्रसिद्ध हुए और अब राजनीतिक रुप से भी खासे मजबूत हो चुके हैं।


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बड़ी बात Published On :

भोपाल। पिछले दिनों सिहोर के कुबेरेश्वर धाम के मामले में जिले के एसपी कलेक्टर को मानवाधिकार आयोग का नोटिस मिला था और अब यह नोटिस बागेश्वर धाम को लेकर मिला है। मानवाधिकार आयोग ने दोनों धार्मिक संस्थानों में हो रहे आस्थागत कार्यों के दौरान बन रही स्थिति को लेकर यह नोटिस जारी किए हैं। पिछले दिनों  राजस्थान के बाड़मेर से एक मां अपनी बच्ची को लेकर बागेश्वर धाम आई थी और यहां बागेश्वर धाम में बच्ची को कथित रुप से चमत्कारी भभूति दी गई, लेकिन बच्ची नहीं बच सकी और इसके बाद परिजनों को बच्ची का शव अपने घर तक लाने के लिए भी काफी परेशान होना पड़ा।  इस मामले में आयोग ने छतरपुर जिला कलेक्टर और एसपी से प्रतिवेदन मांगा है।

वहीं इसके पहले सिहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में आयोजित एक कार्यक्रम में खासी अव्यवस्थाएं रहीं। इस संस्थान के प्रमुख पंडित प्रदीप मिश्रा हैं। जिन्होंने रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया था। इस दौरान इस संस्थान के कुछ लोगों द्वारा एक महिला के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया। बताया गया कि इस महिला से पचास हजार रुपये भी ऐंठ लिए गए।

नीमच की रहने वाली इंदिरा मालवीय नाम की इस महिला ने सीहोर के मंडी थाने में यह शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वे कुबेरेश्वर धाम में दर्शन के लिए पहुंचीं तब धाम के प्रबंध समिति के लोगों ने उस पर सोने की चेन चोरी करने का आरोप लगा दिया। इसके साथ ही समिति के लोगों ने उसे तत्काल ही पचास हज़ार रुपए बैंक खाते में डालने के लिए कहा अन्यथा उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जाने की धमकी भी दी गई। जिसके बाद महिला द्वारा खाते में रुपए ट्रांसफर कराए जाने के बाद उसे छोड़ा गया। इस दौरान महिला के साथ मारपीट भी की गई।

कुबेरेश्वर धाम और बागेश्वर धाम इन दिनों प्रदेश की राजनीति को काफी प्रभावित कर रहे हैं और सत्ता पक्ष का इन आधुनिक धर्मगुरुओं की ओर काफी झुकाव है। ये धर्मगुरु आधुनिक जरुर हैं लेकिन इन पर अंधविश्वास और जातिगत भेदभाव फैलाने के आरोप लगते रहे हैं। इसके अलावा छतरपुर के बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तो सरकारी जमीनों पर कब्जा करने जैसे आरोप भी लगे हैं।

इन दोनों ही आश्रमों में खासी भीड़ होती है। पिछले कुछ दिनों में इस भीड़ के दौरान इन आश्रमों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादा मौतें कुबेरेश्वर धाम में हुईं हैं जहां मंगलवार तक बीते एक हफ्ते में ही करीब पांच लोगों की मौत की खबर आई थी। इससे अलग बागेश्वर धाम में एक महिला की मौत हुई और एक दस वर्षीय बच्ची की मौत हुई। दोनों ही संस्थानों में लोगों की बीमारियों और विकारों को ठीक करने और उन्हें धनवान बनाना या माली हालत ठीक करने जैसे दावे सामने आए हैं। हर बार इन दावों को ईश्वरीय कृपा बताया गया।



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