भाजपा नेताओं की पसंदीदा फिल्म ‘कश्मीर फाइल्स’ को अंतराष्ट्रीय मंच पर कहा गया अभद्र और प्रोपेगेंडा सिनेमा


इस फिल्म के प्रशंसक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई बड़े भाजपाई नेता रहे हैं, फिल्म को भाजपा शासित 4 राज्यों ने टैक्स फ्री भी घोषित किया था। कश्मीर फाइल्स 2022 में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल है।


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भोपाल। गोवा में आयोजित हो रहे 53 वे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का समापन समारोह सोमवार को हुआ। इस दौरान जूरी के अध्यक्ष और इस्राएली फिल्ममेकर नदाव लपिड ने फिल्म कश्मीर फाइल को लेकर जो कुछ कहा उसके बाद से देश दुनिया में नाम कमा चुकी इस फिल्म से जुड़े लोग शायद ही कभी भुला पाएं क्योंकि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी भारतीय फिल्म के बारे में इस तरह के शब्द शायद ही पहले कभी कहीं गए थे।

लेपिड ने कहा, “हमने डेब्यू कंपटीशन में सात फ़िल्में और इंटनेशनल कंपटीशन में 15 फ़िल्में देखीं। इनमें 14 फ़िल्में सिनेमैटिक क्वालिटी की थीं और इन्होंने बहुत शानदार बहस शुरू की लेकिन 15वीं फ़िल्म ‘कश्मीर फ़ाइल्स’ को देख हम सभी विचलित और हैरान थे। यह एक प्रोपेगैंडा और अश्लील फ़िल्म की तरह थी जो कि इस तरह के प्रतिष्ठित फ़िल्म फ़ेस्टिवल के कलात्मक कंपटीशन के लायख नहीं थी।”

उन्होंने आगे कहा कि, “इस मंच से खुलकर अपनी भावनाएं साझा करते हुए मैं पूरी तरह खुद को सहज पा रहा हूं क्योंकि इस समारोह की आत्मा गंभीर बहस को निश्चित रूप से स्वीकार कर सकती है, जोकि कला और ज़िंदगी के लिए ज़रूरी है।”

अपना भाषण शुरू करने से पहले लपिड ने कहा कि वो आम तौर पर लिखित भाषण नहीं देते हैं, लेकिन इस बार वो ‘लिखा हुआ भाषण पढ़ेंगे क्योंकि वो सटीकता’ के साथ अपनी बात कहना चाहते हैं।

खास बात यह रही कि जब यह बात कही जा रही थी उस समय दर्शकों में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर सहित सरकार से जुड़े कई दूसरे लोग भी मौजूद थे। वहीं इनके अलावा कश्मीर फाइल्स फिल्म की तारीफ़ कर चुके साइन जगत के कई अभिनेता और अन्य कलाकार भी यहां इस दौरान उपस्थित थे।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कश्मीर फाइल स्कोर भारत के कश्मीरी पंडितों के इतिहास को दिखाने वाली एक सच्ची फिल्म बताया था। राजनीतिक मजबूती के लिए सत्ता पक्ष ने इस फिल्म को खुला समर्थन दिया। इसके बाद फिल्म निदेशक विवेक अग्निहोत्री की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर  साल में सबसे ज्यादा कमाई की थी।

हालांकि फिल्म समारोह शुरू होने से पहले केंद्रीय प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इंटरव्यू में कहा था कि वह अच्छी फिल्में देखना पसंद करते हैं और कोशिश करते हैं कि भारत में अच्छी से अच्छी फिल्में बनाई जाएं लेकिन फिल्म जूरी के प्रमुख लेपिड की कश्मीर फाइल्स पर की गई यह टिप्पणी उन्हें निराश करने वाली रही।

नदाव लपिड के बारे में!

नदाव लपिड इसराइली फ़िल्म मेकर हैं और उन्हें ज्यूरी का चेयरमैन बनाया गया था। BBC हिन्दी की खबर के अनुसार 47 वर्षीय इजराइली फिल्म निदेशक नदाव लपिड तेल अवीव यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की है। सैन्य सेवा में जाने के बाद लपिड कुछ समय के लिए पेरिस चले गए थे। इसके बाद में लपिड ने इसराइल वापस लौटकर यरूशलम के फ़िल्म एंड टेलीविजन स्कूल से डिग्री ली। उनके काम को दुनिया भर में सराहा गया है उन्हें गोल्डन बीयर और कान जूरी प्राइज भी मिल चुका है। लपिड की चर्चित फ़िल्मों में पुलिसमैन, किंडरगार्टन टीचर शामिल हैं।

एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के फिल्म समारोह में एक चर्चित और बिहार सफल मानी गई भारतीय फिल्म कश्मीर फाइल्स की इस तरह आलोचना इससे जुड़े लोगों और इसके प्रशंसकों को परेशान करने वाली है।

फिल्म के विवेक अग्निहोत्री की है इकलौती सफल फिल्म रही विवेक अग्निहोत्री अपने बयानों के लिए अक्सर विवादों में रहते हैं। उनके अलावा इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती और अनुपम खेर जैसे बड़े नाम भी जुड़े हुए हैं।

कश्मीर फाइल्स भारत की कश्मीर में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार और उनके विस्थापन की कहानी होने का दावा करती है। फिल्म इसी साल 11 मार्च को रिलीज हुई और भाजपा नेताओं ने इस फिल्म का काफी प्रचार किया। यही नहीं भाजपा शासित कुछ राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री घोषित कर दिया गया।

हालांकि इस टिप्पणी के बाद नदाव लपिड की भी कड़ी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर जहां उनके बयान का समर्थन करने वाले लोग खासे सक्रिय हैं तो वहीं उनकी आलोचना करने वाले और उन्हें बुरा भला कहने वाले लोगों की भी कोई कमी नहीं है।

यहां देखिए इस मामले से जुड़े कुछ ट्वीट्स।

वही सोशल मीडिया पर कई यूजर इस फिल्म को भाजपा आरएसएस के एजेंडा की फिल्म बताते रहे और उन्होंने फल्म पर की गई टिप्पणी को भी सराहा।

जाहिर है इसके बाद कश्मीर फाइल्स पर अभी और बहस होना बाकी है क्योंकि एक अंतरराष्ट्रीय फिल्मकार की इस टिप्पणी ने भारत में कश्मीर फाइल से जुड़े विवाद को एक बार फिर जन्म दे दिया है।

 



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