जंतर मंतर पर पुलिस का कहर, लोकतंत्र के मंदिर के उद्घाटन के दिन ही नागरिकों के अधिकार छीने गए


पहलवानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने सरकार की कड़ी आलोचना की है।


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उनकी बात Updated On :

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों को बलपूर्वक वहां से हटा दिया है और धरना स्थल को पूरी तरह से खाली करा लिया है। जंतर-मंतर से पहलवानों के अलावा सभी प्रदर्शनकारियों को हटाया गया।

रविवार को यहां महिला सम्मान महापंचायत का आयोजन किया गया था और सुबह यह पहलवान अपना विरोध जताने के लिए एक शांति मार्च के साथ नई संसद की ओर जा रहे थे, जहां इन्हें पुलिस ने रोका। इस दौरान पहलवानों पर पुलिस की खासी सख्ती देखने को मिली। यहां पुलिस ने साक्षी मलिक सरीखे कई पहलवानों को हिरासत में ले लिया। जिन्हें हिरासत में लिया गया है उनमें अंतर्रष्ट्रीय मेडल जीतने वाले कई खिलाड़ी हैं।

इसके साथ ही जंतर-मंतर पर पहलवानों के लिए बनाए गए टेंट और अन्य सामान को भी पुलिस ने तितर-बितर कर दिया और जंतर-मंतर को साफ करवा दिया।

विरोध, एक राष्ट्र विरोधी काम!

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी ने कहा कि पहलवानों को हमने पहले कहा था कि आज कोई राष्ट्रविरोधी काम न करें, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। हमने सभी को डिटेन कर लिया है और जंतर मंतर खाली करा दिया है।

यौन उत्पीडन का आरोपी खुला घूम रहा

यह पहलवान पिछले 1 महीने से भी ज्यादा समय से जंतर मंतर पर धरना दे रहे थे। भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष ब्रिज भूषण शरण सिंह पर कई महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इनकी काफी विरोध के बावजूद सरकार ने इसे लेकर कोई खास कार्रवाई नहीं की जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद बृजभूषण पर एफ आई आर दर्ज की गई। पहलवानों की मांग है कि आरोपी से दूसरे आरोपियों की तरह ही व्यवहार किया जाए और उसे गिरफ्तार किया जाए।

 



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