ठेंगे पर नियम… बिजली विभाग ने दर्ज करवाया शासकीय काम में बाधा का प्रकरण, सेल्फी लेते हुए भाजपाईयों ने थाने में खाना खाया और पी लस्सी


बिजली बिल की रीडिंग लेने गए कर्मचारी से की थी भाजपा कार्यकर्ता की हुज्जत, मामला बढ़ा तो थाने पहुंचकर पुलिस पर बनाने लगे दबाव


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
महू थाने में नेताओं ने नाश्ता किया, लस्सी पी और फिर हनुमान चालीसा पढ़ी


इंदौर। पुलिस प्रशासन राजनेताओं के दबाव में महू प्रशासन इन दिनों किस कदर  लाचार है इसका उदाहरण शहर में आए दिन देखने को मिल रहा है। कभी भाजपा नेताओं के दबाव में चालानी कार्रवाई रुक जाती हैं तो कभी भाजपा नेता प्रदर्शन के नाम पर पुलिस थाने के बाहर खाना खाते हैं और अंदर लस्सी पीते हैं। मंगलवार को कुछ ऐसा ही हुआ जब सरकारी काम में बाधा डालने पर एक भाजपाई कार्यकर्ता पर प्रकरण दर्ज हो गया और छुड़ाने के लिए पूरी भाजपा थाने पर पहुंच गई।

पिछले कुछ दिनों से महू में भाजपा नेताओं की अजीब राजनीति देखने को मिल रही है। पुलिस प्रशासन कितना इनके दबाव में काम करता है आम लोगों को इसका अंदाजा इस दौरान अच्छे से हो गया। ये नेता प्रदर्शन के नाम पर नियम कायदे भी भूल गए।

दरअसल बिजली विभाग के एक अधिकारी ने भाजपा नेता राजेश वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की जिसका वर्मा ने विरोध किया तो अधिकारियों ने वर्मा के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में महू थाने में प्रकरण दर्ज करवा दिया। इसकी भनक लगते ही भाजपा नेता बड़ी संख्या में  थाने पहुंच गए और विरोध किया। यहां किया गया विरोध बेहद नाटकीय था। इन नेताओं ने थाना परिसर के बाहर बाहर पहले तो खाना खाया फिर बाद में अंदर घुस कर हवालात के बाहर धरना दिया।

इस दौरान भाजपा नेताओं ने पूरे थाने को अपने कब्जे में ले लिया ना सिर्फ अधिकारियों की कुर्सी पर बैठे बल्कि भजन भी करने लगे। इसके बाद थाने के अंदर और हवालात के बाहर सभी नेताओं में लस्सी भी पी। इस दौरान अपने फोटो और वीडियो पोस्ट करने लगे।

 

भाजपा नगर अध्यक्ष और छावनी परिषद के उपाध्यक्ष भी शामिल

इस पूरे प्रकरण के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बनकर बैठा रहा। पुलिस ने बाहर खाना खाने से रोका और ना ही अंदर हनुमान चालीसा पढ़ने और लस्सी पीने से भी नहीं रोक पाया। इसकी साधारण से वजह यह थी कि यह सब प्रदर्शनकारी सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के नेता व कार्यकर्ता थे। इस प्रदर्शन में बल्कि यूं कहें कि नाटकीय प्रदर्शन में भाजपा नगर अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल, सालों तक सरकारी वकील रहे शेखर बुंदेला, कैंट बोर्ड के नामित सदस्य शिव शर्मा, पूर्व पार्षद जितेंद्र शर्मा शामिल थे।

मैं क्या कर सकता हूं…

महू के एसडीओपी दिलीप चौधरी ने इस विषय को लेकर बताया कि आम आदमी भी थाने के अंदर कुछ खा पी सकते हैं और इस बार भाजपाईयों को इसलिए आसानी हुई क्योंकि पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर की गर्मी से राहत लेने का एक मौका दिया वहीं उन्होंने थाने के अंदर कब वीडियो बनाए और तस्वीरें खींची यह हमें नहीं पता ऐसे में मैं क्या कर सकता हूं,  लेकिन यह गलत है।

इस मामले में हमने बिजली विभाग के अधिकारियों से भी बात करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब देने से इनकार कर दिया। एक संबंधित अधिकारी ने तो कई बार प्रयास करने पर भी फोन ही नहीं उठाया। विभाग के लोगों ने बताया कि इस तरह की किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते क्योंकि बाद में राजनीतिक रूप से उन्हें दबाने का प्रयास होगा।

पहले भी हुए हैं ऐसे नाटकीय विरोध

ऐसा ही एक दबाव वह नाटक कुछ दिन पूर्व फाटक चौराहे पर भी देखने को मिला था जहां पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष अमित जोशी ने चालानी कार्रवाई कर रहे यातायात विभाग के कार्य में बाधा डाली और रुकवाया और साथी साथ ही इस कार्रवाई में जो धनराशि वसूली गई थी। उसे वापस दिलाने की खुलेआम मांग की।

इनके दंड भी पुलिस भरती है…

हालांकि यातायात अधिकारी ने दंड की राशि तो नहीं दी लेकिन बाद में महू थाना प्रभारी ने अपनी जेब से राशि देकर मामले को ठंडा कराया। इस दौरान जोशी ने खुलेआम चेतावनी दी थी कि कार्रवाई की तो महू में नौकरी नहीं कर पाओगे। इन दोनों घटनाओं से स्पष्ट हो गया है कि महू पुलिस प्रशासन पूरी तरह भाजपा नेताओं के दबाव व उंगलियों पर काम कर रहा है। इस संबंध में मंगलवार को हुए इस प्रदर्शन व घटनाक्रम के बारे में कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने से दूर हट रहा है।

 



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