देवेंद्र चौरसिया हत्याकांडः आरोपियों द्वारा दायर केस ट्रांसफर याचिका खारिज


जिले के बहुचर्चित देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड के जेल में बंद आरोपियों की ओर से हटा कोर्ट में लंबित हत्याकांड के केस को ट्रांसफर करने को लेकर दो अलग-अलग याचिकाएं जिला न्यायालय में प्रस्तुत की गई थीं, जिसे खारिज कर दिया गया।


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– विचारण न्यायालय पर लगाए थे आक्षेप, दो-दो हजार की कॉस्ट लगाकर याचिका की निरस्त।

दमोह। जिले के बहुचर्चित देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड के जेल में बंद आरोपियों की ओर से हटा कोर्ट में लंबित हत्याकांड के केस को ट्रांसफर करने को लेकर दो अलग-अलग याचिकाएं जिला न्यायालय में प्रस्तुत की गई थीं, जिसे खारिज कर दिया गया।

दरसल हटा में जिस कोर्ट में आरोपियों चंदू सिंह, गोलू सिंह, बलवीर, भान, संदीप और आकाश सिंह का मामला अभी विचाराधीन है, आरोपीगण इस मामले को उस न्यायालय से ट्रांसफर कराना चाहते थे।

याचिका में पीठासीन अधिकारी पर विभिन्न आक्षेप लगाते हुए मामले की सुनवाई किसी अन्य कोर्ट में किए जाने की गुजारिश आरोपियों द्वारा की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ऐसे आरोपियों द्वारा किसी पीठासीन न्यायाधीश के विरुद्ध आक्षेपों को विधि में दंडात्मक मानहानिकारक होने की तल्ख टिप्पणी करते हुए उनकी याचिका निरस्त कर दी।

साथ ही साथ मामले के फरियादी महेश को दोनों याचिकाओं की कॉस्ट 2-2 हजार रुपये आरोपियों से अदा करवाने का आदेश भी दिया है। इस प्रकरण में शासन की ओर पैरवी डीपीओ बीएम शर्मा ने एवं फरियादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता मनीष नगाइच ने की।

पढ़ें दोनों याचिकाओं पर कोर्ट के फैसले की पीडीएफ कॉपी – 

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बता दें कि करीब दो साल पहले हटा निवासी कांग्रेसी नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या हो गई थी। इस हत्याकांड में पथरिया विधायक रामबाई परिहार के पति गोविंद सिंह, देवर कौशलेंद्र सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल के बेटे इंधपाल के अलावा अन्य को नामजद आरोपी बनाया गया था।

इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, लेकिन फरारी के दौरान ही पुलिस की पुर्न विवेचना में विधायक पति गोविंद सिंह का नाम आरोपियों की सूची से हटा दिया गया था, लेकिन अब हटा न्यायालय ने सुनवाई करते हुए फिर से गोविंद सिंह को आरोपी मान लिया है और उन्हें कोर्ट में पेश होने के लिए समय देने के साथ ही उसका गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है।

हालांकि कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही गोविंद सिंह फरार है। इस हत्याकांड मामले की सुनवाई हटा न्यायालय में चल रही है। अभी तक आरोपियों की गवाही, पीड़ित पक्ष द्वारा उनकी पहचान व प्रकरण से जुड़ी अन्य प्रक्रिया हो चुकी है।

इसी दौरान पीड़ित पक्ष ने न्यायाधीश से मांग की थी कि इस मामले में गोविंद सिंह भी आरोपी है और न्यायालय उसे आरोपियों की सूची में शामिल कर उसे न्यायालय में पेश करे। पीड़ित पक्ष के अनुरोध के बाद न्यायालय ने मामले को परखा और उसके बाद गोविंद सिंह को भी आरोपी मान लिया है।



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