कोरोना काल में कड़कनाथ मुर्गे को प्रमोट कर रही मध्यप्रदेश सरकार


मध्यप्रदेश सरकार भी अब कड़कनाथ मुर्गे के प्रमोशन में एक बार फिर जुट गई है। कोरोनाकाल के दौरान कड़कनाथ मुर्गे की बिक्री में खासी तेजी देखी गई है। कड़कनाथ के स्वास्थ्यवर्धक विशिष्ट गुणों को इसकी वजह बताया जा रहा है।


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भोपाल Updated On :

भोपाल। कोरोना काल में लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए खासे चिंतित रहे हैं। इसके लिए लोगों ने तमाम तरह के उपाय अपनाए हैं और बाजार में इन उत्पादों की बिक्री में ख़ासा इज़ाफा हुआ है। इसी कड़ी में झाबुआ क्षेत्र के कड़कनाथ मुर्गे की मांग में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।

पिछले दिनों मीडिया में खबरें आईं थी कि कड़कनाथ की फार्मिंग पूर्व क्रिकेटर महेन्द्र सिंह धोनी भी करना चाह रहे हैं और उत्तर प्रदेश के एक पोल्ट्री फार्म संचालक को उन्होंने इसके लिए ऑर्डर भी दिया है। वहीं मध्यप्रदेश सरकार भी अब कड़कनाथ मुर्गे के प्रमोशन में एक बार फिर जुट गई है। कोरोनाकाल के दौरान कड़कनाथ मुर्गे की बिक्री में खासी तेजी देखी गई है। कड़कनाथ के स्वास्थ्यवर्धक विशिष्ट गुणों को इसकी वजह बताया जा रहा है।  शासन ने कड़कनाथ पालन योजना तैयार की है। सरकार का दावा है कि इस योजना से अनुसूचित जाति-जनजाति के तीन सौ लोगों को लाभ होगा। विभाग के द्वारा इन्हें प्रशिक्षण दिया गया है।

विभाग के अपर मुख्य सचिव पशुपालन जे. एन. कंसोटिया ने बताया कि कड़कनाथ कुक्कुट पालन को सहकारिता के माध्यम से बढ़ावा देने के लिये कड़कनाथ के मूल जिलों- झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी और धार जिलों की रजिस्टर्ड कड़कनाथ कुक्कुट पालन समितियों के अनुसूचित जनजाति के इन तीन सौ सदस्यों  को एन.एल.आर.एम. में प्रशिक्षण भी दिया गया है। झाबुआ जिले का चयन कड़कनाथ की मूल प्रजाति के लिये प्राप्त जी.आई. टैग के कारण किया गया है। उन्होंने बताया कि योजना में 33 प्रतिशत महिलाओं को स्थान दिया गया है।

 

         तत्व

             कड़कनाथ

         अन्य प्रजातियाँ

विकास का समय

90-100 दिन

40-45 दिन

वजन

1250 ग्राम/ 90-100 दिन

2 कि.ग्रा./40-45 दिन

क्रूड प्रोटीन

25%-27%

17%-18%

कैलोरी

2400-2500 कैलोरी

3250-2800 कैलोरी

फैट

0.73 से 1.03 %

13 से 25 %

कोलेस्ट्राल

184.75 मि.ग्रा./100 ग्राम

218.12 मि.ग्रा.

लिनोलिक एसिड

24 %

21 %

बीमारियाँ

कम संक्रामक

अधिक संक्रामक बेक्टीरियल एवं वॉयरल बीमारियाँ

पालन से लाभ

ब्राण्डेड वेल्यू तथा नियमित आय के साथ अधिक दर पर विक्रय

सामान्य वेल्यू तथा कम दरों पर विक्रय

मध्यप्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग के द्वारा जारी की गई जानकारी

कड़कनाथ मुर्गे की ख़ासियतों में इसका काला रंग सबसे महत्वपूर्ण है। इसे इसी रंग से पहचाना जाता है। काले रंग के इस मुर्गे का मांस भी काला होता है। दूसरी नस्ल के मुर्गों के मुकाबले ये केवल चार से पांच महीने में तैयार हो जाता है और बाजार में यह डेढ़ हज़ार या इससे कुछ ज्यादा कीमत तक में बिक जाता है।

 



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