
जिले के हज़ारों छात्र आधार कार्ड की गलतियों की वजह से बड़ी परेशानी में हैं। ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक लगभग 2 लाख 81 हजार बच्चों की अपार आईडी बनाई जा चुकी है, लेकिन करीब 1 लाख 49 हजार छात्रों की आईडी आधार कार्ड में गलत नाम, जन्मतिथि और पते की वजह से अटकी हुई है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, जिले के सभी बच्चों की अपार आईडी बनना अनिवार्य है ताकि वे शिक्षा से जुड़े दस्तावेज़ और योजनाओं का लाभ ले सकें। लेकिन आधार कार्ड की गड़बड़ियों ने छात्रों और अभिभावकों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सबसे बड़ी समस्या – गलत जन्मतिथि
आधार कार्ड में जन्मतिथि की त्रुटियां सबसे आम समस्या बनकर सामने आ रही हैं। शुरुआती दौर में जब आधार बनाए गए थे, तो कई बच्चों की जन्मतिथि डिफ़ॉल्ट रूप से 1 जनवरी दर्ज कर दी गई। नतीजा यह हुआ कि वास्तविक और आधार में दर्ज जन्मतिथि में अंतर हो गया।
संस्कार यादव, एक छात्र, ने बताया कि उसकी असली जन्मतिथि 22 जनवरी 2014 है, लेकिन आधार में 1 जनवरी 2013 दर्ज है। सुधार कराने की कोशिश के बावजूद भी यह समस्या अब तक बनी हुई है। वहीं, वर्माताल के मनोज के मामले में जन्म वर्ष ही गलत है—उनका वास्तविक जन्म 2009 में हुआ था, लेकिन आधार में 2011 लिखा हुआ है।
जाति प्रमाण पत्र भी अटके
जिन छात्रों के आधार कार्ड में जन्मतिथि या नाम गलत दर्ज है, उनके जाति प्रमाण पत्र भी जारी नहीं हो पा रहे। कई मामलों में अपार आईडी में भी गलत जन्मतिथि चली गई, जिससे अब छात्रों को दोहरी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
केशव नाम के छात्र के आधार में 22 दिसंबर 2011 लिखा हुआ है, जबकि असली जन्मतिथि 11 दिसंबर 2009 है। इसका असर उनके अपार आईडी पर भी पड़ा है और अब उसे भी सुधार की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
विभाग की तैयारी – स्कूलों में लगेंगे आधार शिविर
शिक्षा विभाग का कहना है कि समस्या को हल करने के लिए जिले के 13 केंद्रों पर आधार अपडेट का काम शुरू कर दिया गया है। अब स्कूलों में ही आधार सुधार और नए आधार कार्ड बनाने के शिविर लगाए जाएंगे, ताकि छात्रों और अभिभावकों को बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि ई-गवर्नेंस शाखा से चर्चा कर ऑपरेटरों को स्कूलों में भेजा जाएगा। जिन छात्रों के आधार कार्ड गलत हैं या नहीं बने हैं, उन्हें स्कूल स्तर पर ही सुधरवाया जाएगा।