एक समूह का ठेका होने पर आबकारी का राजस्व बढ़ा, अब नए ठेकेदार करेंगे जिले की शराब दुकानों का संचालन


15 % महंगी हुई शराब, जिले की अंदर दुकानों से नहीं होगी अवैध शराब की बिक्री


आशीष यादव आशीष यादव
धार Updated On :

नई एक्साइज पॉलिसी के तहत शराब के ठेकों के ड्रा निकाले जा चुके हैं व पुराने ठेकों की समयावधि समाप्त होने के चलते आज ठेकेदारों द्वारा सस्ते दामों पर शराब बेची गई। लोगों ने इसका भरपूर लाभ उठाया व बिना रोक-टोक के पेटियों के हिसाब से शराब की खरीददारी की। क्योंकि माल अधिक होने व नया ठेकेदार आने के कारण जितना अधिक माल बिक्री ह्यो उतना फायदा ठेकेदार व विभाग को मिलेगा । ठेके टूटने के चलते शराब बेहत सस्ते दामों में बेची गई जिसके चलते कई ठेकों पर देर रात तक बेहद रश देखने को मिला था वही 1 अप्रैल से अब नए ठेकेदार द्वारा दुकानो का संचालन किया जा रहा है। वहीं पिछले दिनों धार मुख्यालय सिंडिकेट की बैठक में तय हुआ है कि कौन व्यक्ति कहां और किस क्षेत्र में काम देखागा और कौन सी दुकान का संचालन करेगा इसको लेकर भी बैठक हुई है।

एकल समूह को मिला टेंडर: पिछले दिनों धार जिले की सभी शराब दुकानों को लेकर एकल समूह बनाकर टेंडर आमंत्रित किए गए थे, इन टेंडर आवेदनों को खोलने की कार्यवाही पिछले दिनों कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में की गई। जिला समिति के मार्गदर्शन में आबकारी अधिकारियों ने पहले टेंडर आवेदन के साथ प्राप्त दस्तावेजों जांच की, एकल समूह के तहत कुल दो टेंडर प्राप्त हुए थे। जिसमें ऑफर मूल्य महाकाल ग्रुप का अधिक होने पर टेंडर उनके पक्ष में निष्पादन की कार्यवाही की गई। जिले की शराब दुकानों का टेंडर करीब 396 करोड़ रुपए में गया है। जो पिछले वर्ष से ज्यादा है।

396 करोड रुपए राजस्व प्राप्त किया: दरअसल वर्ष 2024-25 को प्रदेश सरकार ने नई शराब नीति बनाई थी, जिसमें पहले मौजूदा शराब ठेकेदार को ही नवीनीकरण के लिए मौका दिया गया था। हालांकि जिले की शराब दुकानों के तीन ग्रुप पर ही नवीनीकरण को लेकर आवेदन आए थे, लाइसेंसियों की रुचि नहीं होने के कारण टेंडर प्रक्रिया शुरु की गई। जिसमें जिले की 88 शराब दुकानों को एकल समूह में करते हुए टेंडर बुलवाए गए थे। नई शराब नीति के तहत इस बार 10 प्रतिशत के बजाय 15 प्रतिशत बढ़ाकर टेंडर बुलवाए गए थे। इस बार विभाग ने देशी-विदेशी शराब दुकानों का कुल मूल्य 388 करोड़ रुपए तय किया।

सहायक आबकारी आयुक्त विक्रमदीप सांगर के अनुसार एकल समूह में दुकान करने पर सरकार को राजस्व में फायदा मिला हैं, वर्ष 2023-24 में वार्षिक मूल्य 337 करोड 92 लाख रुपए था। इस साल के लिए उच्चतम ऑफर 396 करोड रुपए महाकाल ग्रुप का प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17.19 प्रतिशत अधिक व आरक्षित मूल्य से 1.90 प्रतिशत अधिक था। संबंधित लाइसेंस धारक का ऑफर मूल्य अधिक होने पर उनके पक्ष में निष्पादन की कार्यवाही पूरी की गई।

जिले के अंदर नही बिकी अवैध शराब: बता दें कि इस बार एक समूह का ठेका होने के कारण जिले में सबसे ज्यादा फायदा किसी को होना है तो वह शराब ठेकेदारो को इसके साथ आबकारी विभाग व पुलिस को भी ज्यादा अवैध शराब माफिया के पीछे नहीं दौड़ना नही पड़ेगा क्योंकि एक समूह होने के कारण जिले की सभी शराब की दुकानें खुद संचालित करेगे जिसे एक जगह का माल दूसरी जगह नही पहुँचया जायेगा।जिसे ठेकेदार को फायदा पहुँचेगा। मगर अन्य जिलों के अवैध शराब का कारोबार जरूर जिले में संचालित होने की आशंका है क्योंकि यहां से गुजरात पास होने के कारण शराब ज्यादा बिकती।

15 % महेगी हुई शराब आम लोगो के बहार कीमत: नई आबकारी नीति के तहत अब शराब की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं। सभी तरह की शराब पर 12 से 15 फीसदी तक कीमतें बढ़ी हैं। देशी प्लेन पाव की कीमतं अब 70 से 80 रूपये हो गई है जबकि मसाला की कीमत 100 रूपये कर दी गई। बीयर की कीमत भी 150 रूपये तक बढ़ी है। पीने वालों के लिए अब महंगी हुई। वही इस बार किसी ठेकेदार ने रिन्यूवल के लिए आगे नही आने के कारण एक समूह को दुकान दी है। अब ठेकेदार को नई कीमतों पर डिस्ट्रीब्युटर से शराब मिलेगी और पूरे साल में बढ़ी कीमत का पैसा सरकार को मिलता रहेगा। इस साल जिले में सभी देशी विदेशी दुकानें 396 करोड़ में नीलाम हुई है। सरकार को सबसे अधिक राजस्व देने वाले विभागों में आबकारी विभाग भी शामिल है। पूरे प्रदेश में धार जिला भी ज्यादा राजस्व देता है ।

राजसात होगी सिक्योरिटी डिपाजिट: जिलों को जारी निर्देश में आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने कहा है कि सभी शराब दुकानों के लाइसेंस धारकों द्वारा शराब दुकान और उससे संबंधित गोदाम के शेष स्टाक को लेवल वार एंट्री किया जाकर ई-आबकारी पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यह काम एक अप्रैल को ही पूरा किया जाना है। जिन दुकानों का नवीनीकरण नहीं हुआ है उनकी आईडी पर भी स्टाक की एंट्री का विकल्प एक अप्रैल को उपलब्ध रहेगा।

इसके अंतर्गत 2023-24 के सभी शराब दुकान लाइसेंस धारकों को पूरी करनी है, भले ही लाइसेंस धारक ने 2024-25 के लिए भी नवीनीकरण करा लिया है या दुकान किसी और को आवंटित कर दी गई है। इसलिए सभी सर्किल प्रभारी की यह जिम्मेदारी होगी कि तो संबंधित लाइसेंस धारक द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी की राशि को 2 अप्रैल को राजसात कर लिया जाएगा। इसके लिए विभाग अलग से कोई नोटिस जारी नहीं करेगा।



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