मुनव्वर फारुकी को तो रिहाई मिल गई लेकिन ‘अन्य’ अब तक इंतज़ार में…


आरोपियों में से एक आरोपी नाबालिग था जिसे जुवेनाइल कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। वहीं सदाकत खान के वकील ने एक बार फिर जिला कोर्ट में उनकी ज़मानत याचिका पेश की लेकिन वहां से फिर पुराने आधार पर ही यह याचिका खारिज कर दी गई है।


DeshGaon
इन्दौर Updated On :

इंदौर। कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी की रिहाई के बाद उनके साथ जेल में बंद हुए उनके साथी भी अपनी रिहाई का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। मुनव्वर का मामला अहम था और सुप्रीम कोर्ट तक भी गया शायद इसीलिए उन्हें अंतरिम ज़मानत भी मिल सकी।

बीते साल की आखिरी रात को इंदौर में मुनरो कैफे से मुनव्वर फारुकी के साथ जिन लोगों को पकड़ा गया था उनमें प्रखर व्यास, नलिन यादव, प्रखर श्रीवास्तव, सदाकत खान और एडविन एंथोनी शामिल थे। ये सभी अब तक जेल में हैं।  इनमें से प्रखर यादव की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई 12 फरवरी को होगी।

प्रखर के वकील अजय बागड़ी बताते हैं कि जिस दिन सुप्रीम कोर्ट से मुनव्वर की ज़मानत हुई थी उसी दिन  हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में प्रखर की ज़मानत याचिका पर भी सुनवाई हुई थी। इस दौरान कोर्ट को इस बात से अवगत भी करा दिया गया था कि मुनव्वर को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। इसके बाद  कोर्ट ने जमानत आवेदन की सुनवाई अगले हफ़्ते बढ़ाते तक हुए आर्डर प्रस्तुत करने का कहा था।

आरोपियों में से एक आरोपी नाबालिग था जिसे जुवेनाइल कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है। वहीं सदाकत खान के वकील ने एक बार फिर जिला कोर्ट में उनकी ज़मानत याचिका पेश की लेकिन वहां से फिर पुराने आधार पर ही यह याचिका खारिज कर दी गई है।

एडवोकेट बागड़ी के अनुसार अब ज़मानत के आसार बढ़ गए हैं क्योंकि मुनव्वर को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत दे दी है। वे बताते हैं कि मुनव्वर का मामला ज़्यादा गंभीर था और उन्हीं के कारण यह केस बेहद संजीदा भी हो चुका था। अब जब उन्हें ज़मानत मिल गई है तो बाकियों को भी मिल जाएगी। इससे पहले पहले नलिन यादव की जमानत भी हाईकोर्ट ने मुनव्वर के साथ ही रद्द कर दी थी।

 

इन सभी को जेल में बंद हुए अब करीब चालीस दिन हो रहे हैं। इस बीच आरोपियों के नाते-रिश्तेदार परेशान हो रहे हैं।

औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में रहने वाले स्टेंडअप कॉमेडियन नलिन यादव के भाई आकाश भी अपने भाई के लिए चिंतित नजर आते हैं। वे कहते कि उन्हें उम्मीद है कि अब उनके भाई को भी जल्दी ही जमानत मिल सकेगी। वहीं दूसरे आरोपियों के रिश्तेदार अब इस मामले के बारे में ज़्यादा बात करना नहीं चाहते।

ये था मामला…

मुनव्वर फारुकी 31 दिसंबर को इंदौर में 56 दुकान के मुनरो कैफे में एक शो कर रहे थे। जहां कुछ हिन्दूवादी संगठनों से जुड़े लोग पहुंचे और विवाद करने लगे।

इस दौरान उन्होंने मुनव्वर के साथ मारपीट भी की। उनका आरोप था कि मुनव्वर ने अपने शो में हिन्दू देवी देवताओं और गृह मंत्री अमित शाह पर अपमानजनक टिप्पणी कर रहे हैं।

टीआई कमलेश शर्मा ने इन पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस दर्ज किया था। इसके बाद में उनके एक साथी सदाकत को भी पकड़कर जेल भेज दिया गया था।  हालांकि टीआई शर्मा ने बाद में इंडियन एक्सप्रेस अख़बार से यह भी कहा था कि उनके पास मुनव्वर के खिलाफ कोई सुबूत नहीं हैं लेकिन अब पुलिस के अधिकारी इससे इंकार करते हैं और कहते हैं कि उनके पास पूरे सुबूत हैं।

इसके बाद में पुलिस ने फिर दावा किया कि सुबूत हैं लेकिन मुनव्वर के वकीलों के मुताबिक वे कोई भी सुबूत अदालत में पेश नहीं कर सके थे। इसके बाद से ही मुनव्वर और उनके साथी जेल में रहे। मुनव्वर की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने दो बार रद्द कर दिया था।

न्यूज़ लॉन्ड्री से बात करते हुए मुनव्वर के दोस्त साद ने बताया कि  “उसे तो बिना परफॉर्म किए ही गिरफ्तार कर लिया गया। जब उसने कुछ बोला ही नहीं तो किस सबूत पर गिरफ्तारी की गई यह समझ से परे है। अभी लोगों का सिर्फ यहीं कहना है कि इसने अपने धर्म पर क्यों नहीं कुछ कहा यह मुस्लिम है इसलिए इसने हिंदुओं के खिलाफ बोला, इन लोगों के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए यह सब बात कर रहे हैं।”



Related