किसानों की बड़ी जीत, दिल्ली में घुसने की मिली इजाजत


इससे पहले मोदी सरकार के कृषि कानून के खिलाफ लाखों किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च को रोकने के खट्टर सरकार द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी वह सैलाब नहीं रुका और दिल्ली पुलिस की नींद उड़ गयी और इस  मद्देनजर  दिल्ली पुलिस ने आज सुबह दिल्ली सरकार से दिल्ली के 9 स्टेडियमों को अस्थाई जेल बनाने की अनुमति मांगी थी।  दिल्ली पुलिस की इस मांग को दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने ख़ारिज कर दिया है। 


देश गांव
बड़ी बात Updated On :

दिल्ली मार्च के लिए निकले देश भर के लाखों किसानों  से जुड़ी बड़ी ख़बर आ रही है कि  हरियाणा की खट्टर सरकार के तमाम रुकावटों और ज़ुल्मों के बाद सरकार को किसानों के दृढ़ता और ज़िद के आगे झुकना पड़ा है, आखिरकार किसानों को दिल्ली में प्रदेश की अनुमति मिल गयी है।

 

पंजाब के मुख्यमंत्री ने केंद्र के इस कदम का स्वागत किया है।

 

इससे पहले मोदी सरकार के कृषि कानून के खिलाफ लाखों किसानों का ‘दिल्ली चलो’ मार्च को रोकने के खट्टर सरकार द्वारा पूरी ताकत लगाने के बाद भी वह सैलाब नहीं रुका और दिल्ली पुलिस की नींद उड़ गयी और इस  मद्देनजर  दिल्ली पुलिस ने आज सुबह दिल्ली सरकार से दिल्ली के 9 स्टेडियमों को अस्थाई जेल बनाने की अनुमति मांगी थी।  दिल्ली पुलिस की इस मांग को दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने ख़ारिज कर दिया है।

दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने इस संदर्भ में नोटिस जारी कर लिखा है -“दिल्ली सरकार ने किसानों की जायज मांगों को देखते हुए, दिल्ली पुलिस की स्टेडियम को जेल बनाने की अर्जी को नामंजूर कर दिया है। केंद्र सरकार को किसानों की सभी मांगों को तुरंत मान लेना चाहिए।”

आम आदमी पार्टी ने पुलिस की मांग को ख़ारिज करते हुए कहा है कि किसान अपराधी नहीं हैं।

इधर आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रभारी जरनैल सिंह  को प्रधानमंत्री के आवास के बाहर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार कर लिया गया।

इधर मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा है -किसानों पर जारी है वार-प्रहार, अब नही बचेगी बीजेपी सरकार।

एक और ट्वीट में लिखा है -किसे ताक़त दिखा रहे हो मोदी जी, —याद रखना ! घमंड का क़िला ढहता बहुत है; दिल्ली आ रहे किसानों को भोजन, पानी, दवा और विश्राम स्थल की जगह लाठी, गोले, वाटर कैनन और बैरिकेड अड़ाकर रोका जा रहा है। ये देश किसका है, आख़िर किसका है ये देश..? मोदी और शाह का, या करोड़ों नागरिकों का..?”



Related