दिल्ली चलो: दिल्ली पहुंचे MP के किसान, कानून वापस होने तक जारी रहेगा आन्दोलन


मध्यप्रदेश से जो किसान दिल्ली पहुंचे हैं उनका कहना है कि दिल्ली तक आने में उन्हें भी रास्ते में पंजाब  हरियाणा के किसानों की तरह  कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उन्हें जगह-जगह परेशान किया है। बता दें कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से  दिल्ली आ रहे किसानों को यूपी पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मेधा पाटकर सहित कई नेताओं को भी आगरा में हिरासत में लिया था।


देश गांव
उनकी बात Published On :

मोदी सरकार के कृषि बिल के खिलाफ  जहाँ एक तरफ लाखों किसानों ने ‘दिल्ली चलो’ आन्दोलन के तहत  अब दिल्ली-हरियाणा सीमा पर अपना डेरा जमा कर दिल्ली को घेर लिया और तय किया है कि जब तक किसानों के मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करेगी तब तक उनका आन्दोलन वहीं सिंघु सीमा पर जारी रहेगा। किसानों के  इस आन्दोलन मध्यप्रदेश के किसान भी शामिल हैं। वहीं मेधा पाटकर का एनए पीएम भी किसानों के साथ दिल्ली पहुंच चुका है। किन्तु मध्य प्रदेश के किसानों को भी दिल्ली तक पहुँचने में  बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मध्यप्रदेश से दिल्ली के आन्दोलन में पहुंचे किसानों का कहना  है कि, एक तो किसानी पहले से ही घाटे का सौदा है और पहले से कई विदेशी कम्पनियों ने खाद-बीज आदि के मार्किट पर कब्ज़ा कर लिया है और अपनी मनमानी चलाते हैं, जिससे खेती की लागत कई गुना बढ़ चुकी  है। अब ऐसे में सरकार उसके उपज को भी हड़पना चाहती है मने सरकार किसानों अनाज निजी कम्पनियों को देना चाहती है जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं रह जाएगी। और निजी कम्पनियां ही अपने हिसाब हमारे फसलों का दाम तय करेगी, जिसका मन हो उसका ही अनाज अपने दाम पर खरीद कर मुनाफ़ा कमाएगी। ऐसे में किसान के हाथ कुछ नहीं बचेगा और वह और गरीब हो जायेगा।

मध्यप्रदेश मुख्य रूप से सोयाबीन, चना और गेंहू की खेती होती है और इस समय हालत यह है कि  मध्यप्रदेश में जो सरकारी खरीद होती है। वह बहुत कम है और किसान को पूरा न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाता। ऐसे में मोदी सरकार  द्वारा लाये गये नये कानून के तहत सरकार सब कुछ निजी कंपनियों पर छोड़ कर एमएसपी से मुक्त जाएगी। तब किसान का माल कौन खरीदेगा और क्या उसे क्या फायदा होगा? इसलिए किसान इन तीन नये कानूनों का विरोध कर रहे हैं। यह विरोध पूरे देश के किसान कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश से जो किसान दिल्ली पहुंचे हैं उनका कहना है कि दिल्ली तक आने में उन्हें भी रास्ते में पंजाब  हरियाणा के किसानों की तरह  कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उन्हें जगह-जगह परेशान किया है। बता दें कि मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक से  दिल्ली आ रहे किसानों को यूपी पुलिस ने रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मेधा पाटकर सहित कई नेताओं को भी आगरा में हिरासत में लिया था।

 



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