#Sorry Asif ट्रैंड कर रहा, मंदिर में पानी पीकर भी बेरहमी से मार खाने वाला बच्चा है आसिफ़


इस बीच अलग-अलग तरह की बातें भी की जा रहीं हैं। भारत के बदलते समाज को लेकर लोग चिंतित हैं तो वहीं कई लोग इसे फेक यानी झूठा मामला बता रहे हैं


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उनकी बात Published On :

इंदौर। ट्विटर पर रविवार को आसिफ का नाम छाया है। कुछ ही घंटों में #SorryAsif को लेकर एक लाख से अधिक ट्वीट हो चुके हैं। आसिफ़  गाज़ियाबाद का एक बच्चा है जिसकी पिछले दिनों बेरहमी से पिटाई की गई और इस दौरान इसका वीडियो भी बनाया गया।

आसिफ को केवल इसलिए पीटा गया कि वह एक मंदिर में पानी पीने के लिए गया था क्योंकि उसे प्यास लगी थी और उसने एक मंदिर के नल से पानी पी लिया था। हालांकि  वीडियो वायरल होने के बाद शनिवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि आरोपी ने  नाबालिग से उसका और पिता नाम पूछा और फिर उसे बेरहमी से पीटा और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

मंदिर में पानी पीने को लेकर ही किसी बच्चे की इस तरह से पिटाई कर देने का यह मामला बेहद संजीदा हो रहा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर सॉरी आसिफ़ यानी आसिफ़ हमें माफ़ कर दो ट्रैंड हो रहा है। रविवार दोपहर बारह बजे तक इस पर 1.08 हज़ार ट्वीट हो चुके हैं। लोग बदलते भारतीय समाज के लिए आसिफ से माफ़ी मांग रहे हैं।

इस बीच अलग-अलग तरह की बातें भी की जा रहीं हैं। भारत के बदलते समाज को लेकर लोग चिंतित हैं तो वहीं कई लोग इसे फेक यानी झूठा मामला बता रहे हैं (हालांकि यह मामला औपचारिक रुप से दर्ज हो चुका है) वहीं इसे आंबेडकर और देश में व्याप्त जातिवाद से लेकर भी जोड़ा जा रहा है। इसे पर एक कार्टून भी बनाया गया है जहां डॉ. आंबेडकर आसिफ के गले में हाथ डालकर कह रहे हैं कि यहां पानी के लिए संघर्ष बहुत पुराना है।

आसिफ के सपोर्ट में भीम आर्मी भी आ गई है। भीम आर्मी के कुछ लोग उसके साथ खड़े नज़र आ रहे हैं और लोग इसके लिए भीम आर्मी का धन्यवाद भी दे रहे हैं।

इस दौरान लोग रिंकू शर्मा को भी याद कर रहे हैं हालांकि बहुत से लोग आसिफ और रिंकू के मामलों को आमने-सामने रखकर इस मुहिम को एकतरफा भी बता रहे हैं हालांकि यह याद रखना चाहिए कि जब रिंकू शर्मा की बेरहमी से हत्या हुई थी तब भी ट्विटर पर लोगों ने इसी तरह अपनी नाराज़गी जताई थी। आसिफ़ हो या रिंकू शर्मा या किसी और बदनसीब, ये सभी देश के इस बदलते समाज की कहानियां हैं जिन पर देश की समझदार पीढ़ियां शर्मिंदा होती रहेंगी।

 



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