नवासा रेप व मर्डर केसः जयस-भीम आर्मी ने घेरा कलेक्ट्रेट, दोषियों पर कार्रवाई की मांग


प्रशासन के दस सदस्यीय एसआईटी बनाने के आश्वासन पर शांत हुए प्रदर्शनकारी, लगा रहे थे नवासा बलात्कार-हत्याकांड व लोहारीखुर्द में एकतरफा कार्रवाई का आरोप।


आशीष यादव आशीष यादव
धार Published On :
jays and bhim army

धार। समीपस्थ ग्राम नवासा और तिरला के लोहरीखुर्द में आदिवासी समुदाय के लोगों पर हुई कार्रवाई और घटना में आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के बैनर तले रविवार को कार्यकर्ताओं ने कलेक्टरेट का घेराव किया।

इस दौरान पुलिस और प्रशासन पर नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए और साथ ही आरोपियों को संरक्षण देने की बात कही। दिनभर धरना और नेताओं के भाषण का सिलसिला चला।

इस धरना-प्रदर्शन में भीम आर्मी के पदाधिकारी और जयस नेता सहित कार्यकर्ता दूर-दूर से धार पहुंचे थे। धरने के बाद शाम को कार्यकर्ताओं ने अपर कलेक्टर कार्यालय की तरफ कूच कर दिया।

पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग कर रखी थी। ऐसे में कार्यकर्ताओं को रोककर जयस व भीम आर्मी के एक प्रतिनिधिमंडल से अपर कलेक्टर श्रृंगार श्रीवास्तव और एएसपी देवेंद्र पाटीदार ने बात की।

इस दौरान इन लोगों के बीच काफी बहसबाजी देखने को मिली। नेताओं ने पुलिस पर जांच को लेकर गंभीर आरोप लगाए जिस पर एएसपी पाटीदार ने भी पुलिसकर्मियों का पक्ष रखते हुए कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन नेता नवासा बलात्कार मामले में एफआईआर करवाने और हत्याकांड में ठोस कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े रहे।

दस सदस्यीय एसआईटी करेगी जांच –

इसके बाद अपर कलेक्टर श्रीवास्तव ने मामलों की जांच के लिए दस सदस्यीय एसआईटी बनाने का आश्वासन दिया। इस पर मामला शांत हुआ और जयस ने ज्ञापन दिया।

साथ ही सोमवार शाम 5 बजे तक कार्रवाई के लिए जयस ने वक्त देने की बात कही। इसके बाद दोबारा एक प्रतिनिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलकर बात करेगा। इधर जयस का अनिश्चितकालीन हड़ताल भी जारी रहेगी।

आदिवासी नेताओं पर भी लगाए आरोप –

धरने के दौरान हुई भाषणबाजी के दौरान जयस नेताओं ने जिले के आदिवासी नेताओं और विधायकों पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में पांच आदिवासी विधायक हैं, इसके बाद भी सरकार के दबाव में ये विधायक समाज हित में आवाज उठाने की बजाय सरकार के लिए काम कर रहे हैं।

खासतौर पर मनावर विधायक व जयस संरक्षक डॉ. हीरालाल अलावा को लेकर भी नेताओं ने जमकर अपनी भड़ास भाषण के दौरान निकाली। इस दौरान कुछ नेताओं ने अमर्यादित भाषा का भी इस्तेमाल भाषण में किया।



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