हाईकोर्ट के जज का नरसिंहपुर एसपी से सवाल – आप लोगों को टीआई के दबाव में काम करना पड़ता है क्या?


जस्टिस विवेक अग्रवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह एक गंभीर मामला है।


ब्रजेश शर्मा ब्रजेश शर्मा
नरसिंहपुर Updated On :
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नरसिंहपुर। सीएम हेल्पलाइन में पुलिस के खिलाफ शिकायत करना पीड़ितों को भारी पड़ता है। अभिषेक राय बनाम राज्य एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल ने नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक अमित सिंह से सवाल किया कि एसपी साहब आप लोगों को टीआई के दबाब में काम करना पड़ता है क्या?

नरसिंहपुर निवासी अभिषेक राय पर कोतवाली पुलिस ने दो मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की अवधि में उसका मोबाइल जब्त कर लिया और टीआई ने फरियादी के द्वारा उसके विरुद्ध दर्ज पूर्व से लंबित सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत को अवैध तरीके से बिना शिकायतकर्ता की मर्जी के बंद कर दी और शिकायतकर्ता के मोबाइल का सारा डाटा डिलीट कर दिया।

अभिषेक राय बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य की याचिका क्रमांक WP/26921/2022 पर बीते दिन उच्च न्यायालय जबलपुर में जस्टिस विवेक अग्रवाल की अदालत में सुनवाई हो रही थी जिसमें नरसिंहपुर एसपी अमित सिंह तलब किए गए थे।

जस्टिस विवेक अग्रवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह एक गंभीर मामला है। यह अदालत प्रशासनिक मामलों में अपने हस्तक्षेप की सीमा के प्रति सचेत है, लेकिन जहां प्रशासनिक कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण और तर्कहीन है, वहां अदालत अंधी और मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकती।

दोनों पक्षों को सुनते हुए अदालत ने यह कहा कि पुलिस महानिरीक्षक, जबलपुर जोन और पुलिस महानिदेशक पुलिस मैनुअल से या सेवा न्यायशास्त्र पर कानून की सहायता से स्पष्ट करें कि मानसिक तनाव और उपचार लेना निलंबन रद्द करने का आधार हो सकता है, जैसा कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया है।

इस मामले में शासन की तरफ से दलील दी गई थी कि निलंबित अधिकारी को निलंबन के दौरान उपचार एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति देय नहीं है। अदालत ने कहा कि यह निर्देशित किया जाता है कि वर्तमान पुलिस अधीक्षक तत्कालीन हेड कांस्टेबल देवेन्द्र सिंह और टीआई अमित विलास दांडी द्वारा दिए गए आवेदनों के साथ आज दायर की जा रही ऑर्डर शीट को अदालत के समक्ष रखेंगे। तथ्यों के साथ-साथ कानून पर अपने हलफनामे को दाखिल करें।

यह भी निर्देश दिया गया है कि पुलिस महानिदेशक, तत्काल एसपी विपुल श्रीवास्तव, जो केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं, उनसे हलफनामा दाखिल करने को कहें।

यह था मामला –

जमीन एवं चोरी के मसले पर एक पारिवारिक विवाद में पुलिस की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होने पर अभिषेक राय ने थाना प्रभारी के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की थी जिस पर पुलिस ने शिकायत वापस लेने दबाव बनाया और फिर थाने बुलाते हुए उसका मोबाइल छीन कर सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत पर खात्मा लगा दिया।

इस पर अभिषेक राय ने अधिकारियों से शिकायत भी की। जब मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो अभिषेक राय ने इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

आरोप यह भी कि पुलिस ने 6 मई 2022 एवं 13 जून 2022 को फर्जी आधार पर झूठी एफआईआर भी दर्ज की थी जिनका अपराध क्रमांक क्रमशः 374/2022 एवं 491/2022 थाना कोतवाली नरसिंहपुर में दर्ज है।



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