किसान आन्दोलन: दिल्ली की ओर बढ़ते हुए मेधा पाटकर, प्रतिभा शिंदे और कविता श्रीनिवासन आगरा में गिरफ़्तार


दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस सख्ती कर रही है। सर्दी के मौसम में भी किसानों पर पानी की बौछार की जा रही है। हरियाणा सरकार ने किसानों को रोकने के लिए कई इंतजाम किये हैं। यहां चंडीगढ़ और पंजाब में रोडवेज बस सेवा बंद कर दी है।


नित्यानंद गायेन
बड़ी बात Updated On :

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा के पास नर्मदा बचाओ आन्दोलन के नेता मेधा पाटकर, प्रतिभा शिंदे और कविता श्रीनिवासन को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही आगरा पुलिस ने कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से आ रहे किसानों के पूरे जत्थे को भी गिरफ्तार कर लिया है।

कृषि कानूनों के विरोध में देश भर के 400 से ज्यादा किसान संगठनों के आह्वान पर 26-27 नवंबर को होने वाले जमावड़े लिए निकले लाखों किसानों को दिल्ली पहुंचने से पहले ही रोका जा रहा है। इन किसानों को हरियाणा और दिल्ली से सटे हुए राज्यों में ही गिरफ़्तार किया जा रहा है। बताया जाता है कि इस दौरान पुलिस किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए ख़ासी सख़्ती भी कर रही है।  सर्दियों के इस मौसम में किसानों पर पानी की बौछार कर उन्हें किसी भी तरह से रोकने की कोशिश की जा रही है 

बुधवार दिनभर भी हरियाणा और दिल्ली से सटे अन्य स्थानों पर कई किसान नेताओं की गिरफ्तारी हुई और किसानों पर पानी का बौछार की गई। खबरों की मानें तो इसके बाद भी लाखों किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं।

इस बीच हरियाणा कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि किसान हितैषी होने का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा-जजपा सरकार अपनी दमनकारी नीतियों से अन्नदाता की आवाज़ को कुचलना चाहती है। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि क्या अपने हक़ के लिए आवाज़ उठाना गुनाह है? कांग्रेस ने कहा है कि, कड़कड़ाती सर्दी में अन्नदाता पर पानी की बौछारों के भाजपाई अहंकार का अंत अन्नदाता ही करेंगे।

कांग्रेस नेता श्रीनिवास बी वी ने ट्वीट कर लिखा है कि, ये किसान हैं – आतंकवादी नही, ये लोकतंत्र है – अंग्रेजी हुकूमत नहीं.. शर्म करो किसान विरोधी नरेंद्र मोदी। वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल खट्टर को टैग कर  लिखा है -आपकी सरकार किसानों पर और कितना जुल्म करेगी? हमारे मेहनतकश किसान भाइयों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों? क्यों किसानों पर लगातार बर्बरतापूर्वक कार्रवाई की जा रही है? क्या शांतिपूर्ण तरीके से अपने हकों की आवाज उठाना भी गुनाह हो गया है?

पंजाब और दिल्ली से लगती राज्य की सीमा पर पुलिस की सख्ती बढ़ा दी गई है। फतेहाबाद में रतिया-सरदूलगढ़ रुट पर गांव नागपुर के पास नाका लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जबकि टोहाना में भी नाके पर पुलिस तैनात कर दी गई।

हरियाणा सरकार ने चंडीगढ़ और पंजाब में रोडवेज बस सेवा बंद कर दी है। सभी डिपो प्रबंधकों को यह आदेश जारी कर दिए गए हैं। वहीं आपात स्थिति के लिए अतरिक्त बसों के इंतजाम का आदेश भी सरकार ने किया है। फरीदाबाद और कैथल समेत कुछ जिलों में धारा 144 लगा दी गई है। उल्लंघन करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

बता दें कि , कि पंजाब में भारतीय किसान यूनियन उगराहां के अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह उगराहां ने मंगलवार को साफ किया था कि पंजाब से हरियाणा में दाखिल होते हुए किसान आगे दिल्ली की ओर बढ़ेंगे, जहां भी सरकार या पुलिस की तरफ से किसानों को रोका जाएगा वे वहीं पर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। इसके लिए वो अपने साथ जनरेटर, गैस सिलेंडर, बिस्तर और खाने के लिए लंगर की पूरी व्यवस्था साथ लेकर चलेंगे।

 



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