कमलनाथ का तंज़, दूसरी सूची को बताया भाजपा का आखिरी झूठा दांव


कमलनाथ ने लिखा कि ‘भाजपाई सरकार के प्रचारवादी विकास के थोथे दावे आज सफेद झूठ साबित हो गए।’


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राजनीति Updated On :

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची जारी होने के बाद कई तरह की बातें हो रहीं हैं। तीन केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों और भाजपा महासचिव को विधानसभा चुनावों में उतारा जा रहा है। पार्टी के इस अंचभित करने वाले कदम को मास्टर स्ट्रोक कहा जा रहा है तो यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा नेताओं को सीएम शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में इस बार सीधी हार नजर आ रही है। ऐसे में उन्हें अपने सबसे बड़े नेताओं को मैदान में उतारना पड़ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने भी इसे लेकर तंज़ किया है। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा ने उम्मीद का आखिरी झूठा दांव खेला है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि, ‘एमपी में हार स्वीकार कर चुकी भाजपा ने उम्मीद का आखरी झूठा दांव आज खेला है। 18.5 साल की भाजपाई सरकार और 15 साल से ज्यादा के शिवराज जी के विकास के दावों को नक्कारने वाली भाजपाई प्रत्याशियों की सूची करोड़ों कार्यकर्ताओं की पार्टी का दावा करने वाली भाजपा की आंतरिक हार पर पक्की मोहर है।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘एमपी विकास के खोखले दावों की पोल खुलने के साथ बड़बोली भाजपाई सरकार के प्रचारवादी विकास के थोथे दावे आज सफेद झूठ साबित हो गए। भाजपा केवल एक बात ध्यान रखें… ये जनता है, ये सब जानती है। 18 साल के कुशासन का हिसाब तो जनता लेकर रहेगी और न्याय होकर होगा। एमपी की जनता है तैयार, भाजपा पर होगा पलटवार।’

बता दें कि भाजपा ने सात मौजूदा सांसदों को चुनावी मैदान में उतारा है। इनमें से तीन नाम नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय तो वो हैं, जिनके नाम सीएम पद के लिए सुर्खियों में आ चुके हैं। पार्टी ने तीन तीन केंद्रीय मंत्रियों के भारी भरकम पोर्टफोलियो के बावजूद उन्हें विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मजबूर कर दिया है।

ज़ाहिर है कि अब इन नेताओं का प्रभाव अपनी विधानसभा में तो मजबूत होगा और यहां के मौजूदा कांग्रेसी विधायकों को कड़ी टक्कर मिलेगी। हालांकि इससे कई समीकरण भी बदलेंगे जैसे इंदौर में अब संभावना है कि कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और मौजूदा विधायक आकाश विजयवर्गीय को टिकिट नहीं मिलेगी। इसी तरह कई अन्य विधानसभाओं में समीकरण बदले हैं। इसी दौरान सीधी क्षेत्र के एक नेता ने कल रात अपना इस्तीफा पार्टी को दिया है।



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