इंदौरः कपास उत्पादक किसान लगा रहे भारतीय कपास निगम पर मनमानी के आरोप


भारतीय कपास निगम  द्वारा  इन दिनों कपास की खरीदी की जा रही है लेकिन किसान निगम की इस व्यवस्था से खुश नहीं हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके कपास में बेवजह की कमियां बताकर उनके कपास को रिजेक्ट कर दिया जाता है।  किसानों ने निगम और  व्यापारियों के बीच सांठ -गांठ होने के आरोप भी लगाए हैं।


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उनकी बात Updated On :

इंदौर। निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसान इन दिनों परेशान हैं। किसानों के मुताबिक उनकी परेशानी की वजह भारतीय कपास निगम (सीसीआई ) है जो उनकी उपज में तरह-तरह की कमियां बताकर खरीदी से इंकार कर रहा है। इसे लेकर किसानों ने कई बार शिकायत भी की है लेकिन इसका कोई खास असर फिलहाल नजर नहीं आ रहा है। सनावद और भीकनगांव के किसान अपनी इन समस्याओं को लेकर हंगामा भी कर चुके हैं।

भारतीय कपास निगम  द्वारा  इन दिनों कपास की खरीदी की जा रही है लेकिन किसान निगम की इस व्यवस्था से खुश नहीं हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके कपास में बेवजह की कमियां बताकर उनके कपास को रिजेक्ट कर दिया जाता है।  किसानों ने निगम औऱ  व्यापारियों के बीच सांठ -गांठ होने के आरोप भी लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर सीसीआई के महाप्रबंधक ने इसका खंडन करते हुए नियमानुसार खरीदी करने की बात कही है।

भारतीय कपास निगम के द्वारा कपास खरीदी के लिए इस वर्ष भी संभाग में 19 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं , जहां किसान अपनी कपास की उपज निर्धारित मापदंडों की होने पर सीसीआई को बेच सकता है। उधर, सनावद क्षेत्र के किसानों ने सीसीआई पर उनका कपास नहीं खरीदने के आरोप लगाए हैं।

यहां किसान सीसीआई पर कई आरोप लगा रहे हैं। एक किसान ने आरोप लगाया कि सौ गाड़ी कपास में से अस्सी गाड़ी कपास में कमी बताई जा रही है और केवल बीस गाड़ी ही सीसीआई के द्वारा खरीदा जा रहा है। सीसीआई इंदौर महाप्रबंधक मनोज बजाज ने एक वेबसाईट को बताया कि

भारत सरकार के निर्देशानुसार जिस कपास की कि्स्म अच्छी हैं, जिसमें नमी 8 -12 % है और जो एफएक्यू के मापदंड का पालन करता हो उस कपास को सीसीआई का केंद्र प्रभारी जरूर खरीदेगा भले ही वह एक ट्रॉली ही क्यों न हो। किसानों के धरने की मुझे जानकारी नहीं है। निर्धारित मापदंडों के तहत यदि कोई केंद्र खरीदी नहीं कर रहा हो तो उसकी शिकायत मुझे कर सकते हैं।



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