प्रधानमंत्री पथ विक्रेता योजना की आस में 326 आवेदक, सारंगपुर में 537 को मिल चुका है लोन


लॉकडाउन के दौरान बेरोज़गार हुए अनगिनत छोटे कामगारों को लाभ देने के लिए पीएम पथ विक्रेता योजना शुरु की गई है लेकिन इसका लाभ सभी जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों से इस योजना के धीमे क्रियान्वयन की खबरें आ रहीं हैं।


रवि श्रीवास्तव रवि श्रीवास्तव
भोपाल Updated On :
प्रतीकात्मक चित्र


सारंगपुर-राजगढ़। लॉकडाउन के दौरान बेरोज़गार हुए अनगिनत छोटे कामगारों को लाभ देने के लिए पीएम पथ विक्रेता योजना शुरु की गई है लेकिन इसका लाभ सभी जरूरतमंदों को नहीं मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों से इस योजना के धीमे क्रियान्वयन की खबरें आ रहीं हैं।

सारंगपुर क्षेत्र में 326 पथ विक्रेता अब तक इस योजना से लाभ मिलने के इंतजार में हैं।  योजना का लाभ लेने के लिए कुल 1788 बेरोजगारों ने अपना पंजीयन कराया था। इनमें से केवल 1284 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं। संबंधित विभाग के द्वारा जिन 812 प्रकरणों का प्रस्ताव बैंकों को भेजा गया था उनमें से 537 हितग्राहियों को योजना के तहत लाभ मिल सका है। ऐसे में शेष 326 पथ विक्रेता बैंकों और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।

बैंक ऑफ इंडिया शाखा सारंगपुर।

जानकारी के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया को 236, भारतीय स्टेट बैंक की कृषि शाखा को 188 व पूर्ववर्ती एसबीआई शाखा को 235 प्रकरणों के अलावा मप्र ग्रामीण बैंक को 153 प्रकरण कर्ज वितरण के लिए प्रस्तावित किए थे। सरकार ने कोरोना संक्रमण के दौरान हजारों प्रवासी मजदूर बेरोजगार हो गए। ऐसे बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना के तहत हाथ ठेला चालक, लघु कार्य करने वालों को दस हजार रुपए की राशि का कर्ज दिया जाना था। स्थानीय स्तर पर योजना की शुरुआत नगरपालिका भवन में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं नपाधिकारियों की मौजूदगी में हुआ था।

जिन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिला है वे अब बैंकों और अधिकारियों के पास जाकर बार-बार मिल रहे हैं। योजना का लाभ चाहने वाले इन लोगों ने बताया कि लॉकडाउन के बाद से अब तक उनका व्यापार या तो बंद ही है या फिर पहले से बहुत ही धीमा हो चुका है। ऐसी स्थिति में उन्हें नया काम शुरु करने या अपने मौजूदा काम को गति देने के लिए पैसों को ज़रूरत सबसे ज्यादा है।

इस विषय पर बैंक शाखा प्रबंधक एमके नायक ने बताया कि

प्रकरणों में कागजों की प्रतिपूर्ति नहीं होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जैसे ही पूर्ति होगी, भुगतान किया जाएगा।

 



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