मुख्यमंत्री शिवराज ने कहाः परिवहन विभाग में लागू किया जाए मोबाइल गवर्नेंस सिस्टम

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भोपाल Updated On :

भोपाल। मुख्यमंत्री इन दिनों लगातार अपने विभागों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने गुरुवार को परिवहन विभाग की भी समीक्षा की प्रदेश में परिवहन के क्षेत्र में कई नए कदम उठाने की बारे में अधिकारियों को निर्देशित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने के काम को तेज किया जाए और परिवहन विभाग में मोबाइल गवर्नेंस सिस्टम लागू करने की शुरुआत भी की जाए। यहां बताया गया की पांच बड़े परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक की स्थापना की गई है।

विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग की गतिविधियों से आमजन को सुविधाएं प्राप्त होने की बात कही उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने, लोक परिवहन में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और परिवहन विभाग की संपत्तियों के निवर्तन की कार्यवाही भी समय अनुसार करने जैसी व्यवस्थाएं लागू की चाहिए।

यहां मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए शौर्य दल की महिला सदस्यों को चालक परिचालक और मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देने की योजना की तारीफ की। उन्होंने कहा कि शौर्य दल के साथ ही अन्य महिलाओं को भी से जोड़ा जाना चाहिए। यह महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाला कदम होगा। इस बैठक में मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस, परिवहन आयुक्त मुकेश जैन अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमैप में परिवहन विभाग से संबंधित कार्यों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत सभी परिवहन कार्यालयों में हेल्प डेस्क की स्थापना, कर्मचारियों को आईटी में दक्ष बनाने और परिवहन सेवाओं से ईज़ ऑफ लिविंग सुनिश्चित करने के लिए लर्निंग लायसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस का डुप्लीकेट और रिन्यूअल जारी करने, अस्थाई परमिट जैसी फेसलेस सेवाएं इसी साल से प्रारंभ हो जाएंगी। यह सभी कार्य आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश अभियान के तहत किये जा रहे हैं।



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