किसान आंदोलन के सर्मथन में नरसिंहपुर के किसानों ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन


किसानों का कहना है कि दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के समर्थन में उनका धरना प्रदर्शन जारी है। देश में किसानों का शोषण बंद होना चाहिए और सरकार से यह मांग है कि जल्द से जल्द कृषि विधेयक को वापस ले और सभी जिन्स का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करें। 


ब्रजेश शर्मा ब्रजेश शर्मा
घर की बात Updated On :
नरसिंहपुर में प्रदर्शन करते किसान


नरसिंहपुर। दिल्ली के साथ देश के कई हिस्सों मे हो रहे किसान आंदोलन में अब नरसिंहपुर के किसान  भी जुड़ रहे हैं। सोमवार को इन किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ये किसान सांकेतिक विरोध के लिए पहुंचे थे। इस दौरान किसानों ने अपनी स्थानीय परेशानियों को भी हल करने की मांगें रखीं।

किसानों ने दिल्ली में आंदोलनरत किसानों तक अपनी आवाज़ पहुंचाते हुए कहा कि पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य स्थानों के किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं लेकिन वे अकेले नहीं है बल्कि हम भी उनके साथ हैं। सरकार कृषि विधेयको को वापस ले, किसानों का शोषण बंद करे।

सोमवार का दिन काफी ठंडा था ऐसे में इन किसानों ने पहले रैली निकाली और बाद में अपने आधे कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया और नृसिंह भवन पहुंचे और कलेक्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ज्ञापन सौंपा।

हालांकि कलेक्टर काफी देर से पहुंचे लेकिन किसान यहां ठंड के बीच डटे रहे। ये किसान दिल्ली के आंदोलन को सर्मथन तो कर ही रहे हैं।इन किसानों के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। यह प्रदर्शन पहले से आयोजित किया गया था। जिसका आयोजन भारतीय किसान मजदूर संगठन और उनके सहयोगी किसानों ने किया था।

किसानों का कहना है कि दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के समर्थन में उनका धरना प्रदर्शन जारी है। किसानों का शोषण बंद होना चाहिए और सरकार से यह मांग है कि जल्द से जल्द कृषि विधेयक को वापस ले और सभी जिन्स का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करे।

इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ प्रदेश कोषाध्यक्ष नीतिराज सिंह पटेल, जिला अध्यक्ष एकम सिंह पटेल, राव प्रमोद कुमार, जबलपुर संभाग अध्यक्ष देवेंद्र पटेल, जिला उपाध्यक्ष ब्रजमोहन कौरव, जिला संरक्षक वसंत खैरौनिया, ओम प्रकाश पटेल, मुन्ना भैया, राकेश खैरौनिया, महेश पटेल, सांईं खेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष नेपाल सिंह, तेंदूखेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष गिरधारी पटेल, कृष्ण कुमार पटेल, जितेंद्र बंटी सहित अन्य किसान रहे।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कृषि बिलों को वापस लेने की मांग तो की ही साथ ही अपनी स्थानीय परेशानियों को भी हल करने के लिए कहा।

ये हैं किसानों की मांगें…

  1.  गांव में की जा रही बिजली कटौली तत्काल बंद की जाए।
  2. कृषि लाइनों के मेंटेनेंस का काम जल्दी पूरा किया जाए ।
  3. गांव में 11 केवी तारों के नीचे सेफ्टी तार झूला लगाए जाएं ।
  4. किसानों पर बनाए गए बिजली चोरी के झूठे प्रकरणों को वापस लिया जाए।
  5. बिजली चोरी के प्रकरण बिना पंचनामे के बनाना बंद किया जाए।

 

 

किसानों ने सहकारिता, मंडी विभाग आदि से संबंधित भी कई मांगें यहां रखीं। इनमें प्रमुख थीं। 

  1. किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद दिया जाए।
  2. क्रांति धान में एफ़एक़्यू के मापदंडों शिथिल करते हुए, कैंसिल की गई किसानों की धान को भी खरीदा जाए ।
  3. किसानों को नजदीकी धान खरीदी सेंटर प्रदान किए जाए।
  4. मंडी अधिनियम के तहत समस्त कृषि उपजों की समर्थन मूल्य से ऊपर खरीदी की जाए।
  5. नियमानुसार समर्थन मूल्य से कम खरीदी करने पर दंडात्मक प्रक्रिया की जाए ।
  6. किसानों को कृषि आदान विक्रय के पश्चात 24 घंटे के अंदर नगद या आरटीजीएस के माध्यम से मंडी प्रांगण में ही भुगतान किया जाए।
  7. प्रत्येक कृषि उपज मंडी में किसानों के लिए विश्राम ग्रह भोजन एवं जल की मंडी प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था की जाए।
  8. मैदान में घूम रहे वन्य प्राणियों को अभ्यारण छोड़ने की व्यवस्था की जाए।
  9. वन्य प्राणियों के द्वारा किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा की जाए।
  10. किसानों एवं ग्रामीण लोगों के लिए जलाऊ लकड़ी उठाने की अनुमति प्रदान की जाए।
  11. अमानक खाद बीज एवं कीटनाशकों की सूची चस्पा की जाए।
  12. अमानक खाद बीज विक्रेता पर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
  13. अनुदान पर किसानों को पर्याप्त मात्रा कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध कराई जाए।
  14. ग्राम सेवकों का गांव में प्रवास का दिन निश्चित किया जाए एवं ग्राम पंचायत में मोबाइल नंबर सहित यह जानकारी चस्पा की जाए।

 

किसानों की इन सबी मांगों पर कलेक्टर वेदप्रकाश ने जिला स्तरीय समस्याओं को लेकर शीघ्र ही राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन की मध्यस्थता में बैठक कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।