50 करोड़ के राशन घोटाले के आरोपी मोहन अग्रवाल को महू में किया गया गिरफ्तार


आरोपी मोहन अग्रवाल कांग्रेस का स्थानीय नेता है और वह लंबे समय से खाद्य आपूर्ती निगम का परिवहनकर्ता था। इस मामले में कई सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जांच की जा रही है।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
महू में डोंगरगांव चौकी


इंदौर। महू तहसील में पचास करोड़ रुपए से अधिक के राशन घोटाले का आरोपी मोहन अग्रवाल को पकड़ लिया गया है। हालांकि इस बारे में अब तक न तो पुलिस और न ही प्रशासन ही ठोस जानकारी दे रहा है। मामले में फरार आरोपी अग्रवाल और उसके बेटों पर पुलिस ने दस हजार रुपए का इनाम रखा था।

आरोपी मोहन अग्रवाल

शुरुआती खबरों के मुताबिक अग्रवाल की गिरफ्तारी बुधवार को हुई है लेकिन पुलिस ने इसे औपचारिक रुप से नहीं दर्शाया है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी इसे कुछ हद तक सही बता रहे हैं।

इस बारे में खबर आते ही  डोंगरगांव चौकी के सामने पत्रकारों और आम लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान कांग्रेस और  भाजपा के कई नेता भी यहां पहुंच गए।

इसी चौकी के ठीक पीछे महू कृषि उपज मंडी है जहां से अग्रवाल और उसके बेटे एक गोदाम में राशन की दुकानों के हिस्से का राशन बचाकर रखते थे।

कुछ ही दिनों पहले प्रशासन ने अग्रवाल की जमीन पर बने एक पुराने पेट्रोल पंप के टैंक से हजारों लीटर मिट्टी का तेल भी पकड़ा था। यह मिट्टी का तेल भी राशन की दुकानों का था जो बचाकर यहां स्टोर किया जाता था।

सितंबर के महीने में महू के एसडीएम अभिलाष मिश्रा ने इस मामले का पर्दाफाश किया था। कलेक्टर मनीष सिंह ने तब इस मामले को कम से कम पचास करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला बताया था जो जांच के बाद काफी बढ़ा हो सकता है।

अग्रवाल महू तहसील की 97 राशन की दुकानों में पहुंचाए जाने वाले अनाज में से अनाज निकालता  था। इस काम में पूरी प्रक्रिया से जुड़े कई सरकारी और गैर सरकारी लोगों के शामिल होने की बात कलेक्टर मनीष सिंह ने कही थी।

आरोपी मोहन अग्रवाल कांग्रेस का स्थानीय नेता है और वह लंबे समय से खाद्य आपूर्ती निगम का परिवहनकर्ता था। इस मामले में कई सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जांच की जा रही है।