रेमडेसिविर की कालाबाजारी के लिए नौ पर रासुका के तहत कार्रवाई


नकली इंजेक्शन बनाते थे आरोपी


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इन्दौर Published On :

इंदौर। कोरोना काल में दवाओं की किल्लत के चलते कालाबाजारी भी खूब हो रही है। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अहम बताया जा रहा रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग सबसे ज्यादा रही है। ऐसे में इसकी कालाबाजारी तो हुई ही नकली इंजेक्शन भी बनाकर बाज़ारों में बेचे गए।  

इंदौर पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी में करने वाले कई लोगों को पकड़ा है। आरोपियों को विजयनगर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किया गया था। विजयनगर थाना टीआइ तहजीब काजी के मुताबिक अजहर पुत्र असरार अहमद निवासी अशरफनगर, जुबैर पुत्र छोटू खान निवासी स्वर्णबाग कालोनी, मो. साजिद पुत्र मो. सैजाद निवासी स्कीम-94, निर्मल पुत्र शेखर साकल्य निवासी लेमन सिटी, दिनेश पुत्र बंसीलाल चौधरी निवासी अनुराग नगर और धीरज पुत्र तरुण साजनानी निवासी स्कीम-144 को रेमडेसिविर, एंटीबायोटिक इंजेक्शन और फेबीफ्लू गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। इनमें  छात्र धीरज साजनानी, अजहर अहमद व दाल कारोबारी दिनेश चौधरी सहित नौ पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है।

छह आरोपितों से जब्त इंजेक्शन दवा माफिया कौशल वोरा, पुनीत शाह के साथी सुनील मिश्रा द्वारा बेचे गए थे जो बाद में नकली निकले। पुलिस ने आरोपितों पर रासुका लगाने के लिए जिला कलेक्टर के पास प्रतिवेदन भेजा जिस पर शुक्रवार को मुहर लग गई।