लोग इलाज के लिए इंजेक्शन को तरस रहे और इंदौर में मंत्री ले रहे शिक्षाविदों से कोरोना पर सुझाव


कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि इंदौर में इंजेक्शन की कमी है और उन्होंने कहा कि इसका कारण महाराष्ट्र और गुजरात में संक्रमितों की बढ़ती संख्या है क्योंकि उन राज्यों में मांग अचानक बढ़ी है।


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इन्दौर Updated On :

इंदौर। जिले में स्वास्थ्य का आपातकाल नज़र आ रहा है। कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसकी दवाएं और इलाज के लिए अस्पतालों की कमी हो रही है। रेमडिसिवर इंजेक्शन के लिए लोगों को दवा दुकानों के बाहर डेरा डाले हुए हैं और इस दौरान जिले के मंत्री कोरोना संकट से निपटने के लिए शिक्षाविदों के साथ बैठक कर रहे हैं। हालांकि इस समय ज्यादा ज़रूरत दवाओं और अस्पतालों के इंतज़ाम देखने की है।

बुधवार को प्रदेश के दो मंत्रियों तुलसी सिलावट और उषा ठाकुर ने कोरोना के बढ़ते मामलों और वैक्सीनेशन को लेकर शिक्षाविदों के साथ बैठक की। इस दौरान कई सुझाव आये जिन पर आने वाले दिनों में अमल किया जा सकता है।

बैठक के बाद प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि इंदौर में मास्क, दूरी और वैक्सीन जरूरी है, उन्होंने कोरोना से पीड़ित परिवारों की जरूरत पर भी बल दिया और कहा कि उन्हें खाना और दवा भी ज़रूरी है। वहीं रेमडिसिवर इंजेक्शन की कमी को लेकर मंत्री केवल आश्वासन देते नज़र आए।

वहीं, मंत्री उषा ठाकुर ने मीडिया से कहा कि रात नौ बजे हर तरह की दुकान बंद होनी चाहिए, शराब दुकान भी। ठाकुर ने कहा कि इस बारे में सरकार से बात करेंगी।  उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की संपूर्ण सुविधा पूरी क्षमता के साथ इंदौर में उपलब्ध है हालांकि रेमडिसिवर इंजेक्शन की उपलब्धता की कमी को लेकर ठाकुर का जवाब बेहद औपचारिक रहा।

कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि इंदौर में रेमडिसिवर इंजेक्शन की कमी है और उन्होंने कहा कि इसका कारण महाराष्ट्र और गुजरात में संक्रमितों की बढ़ती संख्या है क्योंकि उन राज्यों में मांग अचानक बढ़ी है। कलेक्टर ने बताया कि उत्पादन करने वाली करीब 10 यूनिट उन्हीं प्रदेशों में है।

हालांकि ख़बर है कि कुछ इंजेक्शन आए हैं और राज्य सरकार भी खरीद रही है।  जो बुधवार को ही मेडिकल कालेज में आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा महाराष्ट्र में स्थानीय शासन ने उसे रोका है इसलिये समस्या आ रही है। वहीं ऑक्सीजन को लेकर इंदौर कलेक्टर ने माना कि ऑक्सीजन की सप्लाई को सही करने के लिए सरकार की बातचीत जारी है और उम्मीद है कि उस मामले में एक दो दिन में स्थिति ठीक हो जाएगी। वहीं उन्होंने इंदौर में लॉक डाउन जैसी बातों को फिलहाल निराधार बताते हुए कहा कि कब भी ऐसा कुछ होगा पहले से ही सूचना दी जाएगी।

शहर में रेमडिसिवर इंजेक्शन की कालाबाजारी को सवाल उठ रहे हैं। इंदौर के दवा बाज़ार में लोगों की कतार लगी हुई है। यहां भी इंजेक्शन की कालाबाज़ारी की खबरें आ रहीं हैं। हालांकि जिसे भी इंजेक्शन मिल रहा है उसे ज्यादा कीमत ही देनी पड़ रही है।