महूः किसानों की ऋण पुस्तिकाएं कॉलोनाइजरों के दफ़्तरों से मिलीं, एसडीएम ने खुद जाकर जांचे दस्तावेज़


चार दिन पहले सर्विस प्रोवाईडराें और उप पंजीयक कार्यालय में कार्रवाई की गई थी। इस दौरान ऋण पुस्तिका व नकदी जब्त की गई थी।  यह मामला अब तक ठंडा भी नहीं हुआ था  कि गुरूवार को प्लाउडन रोड़ स्थित कॉलोनाईजर मयंक अग्रवाल एवं अमित गोयल के कार्यालय पर  जांच की गई है। बताया जाता है कि एसडीएम अभिलाष मिश्रा को इन दोनों के बारे में कुछ अहम जानकारियां मिलीं हैं। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
कॉलोनाइज़र के कार्यालय में जांच करते अधिकारी


इंदौर।  महू एसडीएम अभिलाष मिश्रा राजस्व विभाग से जुड़े लोगों पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इसी कड़ी में अधिकारी ने शहर  के एक कॉलोनाईजर के कार्यालय में गुरूवार को छापामार कार्रवाई की गई तो वहां रजिस्ट्रियों के अलावा कई सील व ऋण पुस्तिकाएं मिली हैं। इस बारे में अब प्रशासन के द्वारा व्यापक जांच की जाएगी।

चार दिन पहले सर्विस प्रोवाईडराें और उप पंजीयक कार्यालय में कार्रवाई की गई थी। इस दौरान ऋण पुस्तिका व नकदी जब्त की गई थी।  यह मामला अब तक ठंडा भी नहीं हुआ था  कि गुरूवार को प्लाउडन रोड़ स्थित कॉलोनाईजर मयंक अग्रवाल एवं अमित गोयल के कार्यालय पर  जांच की गई है। बताया जाता है कि एसडीएम अभिलाष मिश्रा को इन दोनों के बारे में कुछ अहम जानकारियां मिलीं हैं। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।

कॉलोनाइजरों के दफ्तर में करीब दो घंटे तक एसडीएम मिश्रा व नायब तहसीलदार रितेश जोशी जांच करते रहे। इस दौरान अक्षय देवकान नाम की एक साथ कई रजिस्ट्रियां मिलीं। इस बारे में पूछताछ करने पर में कॉलोनाईजर अधिकारी को संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। इसके अलावा यहां से नीजि फर्म के नामों की कई सीलें तथा ऋण पुस्तिकाएं भी मिलीं जबकि यह ऋण पुस्तिका किसानों के पास होना चाहिए थीं ऐसे में इनका कॉलोनाइजरों के कार्यालय में होना कई संदेहों काे जन्म देता है। इनके साथ ही कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। जिन्हें जब्त कर लिया गया है।

मामले में जानकारी देते हुए एसडीएम मिश्रा ने कहा कि दोनों कॉलोनाईजरों को नोटिस देकर जानकारी व जवाब मांगा जाएगा। उल्लेखनीय है कि  इन दोनों कॉलोनाईजरों ने शहर के आसपास के क्षेत्र में कई कॉलोनी काटी हैं और यहां के प्लॉट महंगे दामों पर बेचे गए हैं। पिछले कुछ दिनों से महू तहसील कार्यालय में बहुत से कॉलोनाईजरों को लगातार देखा जा रहा था। बताया जाता है कि राजस्व के बहुत से कर्मचारी और संभवतः अधिरकारी भी अनियमितताओं में शामिल हो सकते हैं।