शराब फैक्ट्रियों पर छापा, एक फै़क्टरी सील व आबकारी अधिकारी हुआ निलंबित


संभागीय आयुक्त के निर्देश पर जाँच उपरांत फ़ैक्ट्री को सील कर दिया गया है। वहीं यहाँ पदस्थ जिला आबकारी अधिकारी आर के गुप्ता को संभागायुक्त ने निलंबित भी कर दिया है। बड़वाह में की गई कार्रवाई पर प्रतिवेदन अभी प्रतीक्षित है।


आशीष यादव आशीष यादव
इन्दौर Published On :
raid-on-liquor-factories

धार। संभागायुक्त डॉक्टर पवन शर्मा के निर्देश पर इंदौर संभाग के दो स्थानों खरगोन ज़िले के बड़वाह और धार ज़िले के सेजवाया में बुधवार को शराब के अवैध उत्पादन, परिवहन और अन्य शिकायतों पर छापामार कार्रवाई की गई।

संभागायुक्त डॉक्टर शर्मा ने प्राप्त शिकायत के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों की अगुवाई में दो विशेष दल गठित किए थे जिन्होंने खरगोन ज़िले के बड़वाह और धार ज़िले के सेजवाया में कार्यवाही की।

अभिलाष मिश्र की टीम ने सेजवाया में स्थित फ़ैक्ट्री में व्यापक अनियमितताएं पाई यहाँ से शराब गुजरात भेजे जाने की तैयारी हो रही थी। बड़ी संख्या में यहाँ मज़दूर भी काम करते पाए गए।

संभागीय आयुक्त के निर्देश पर जाँच उपरांत फ़ैक्ट्री को सील कर दिया गया है। वहीं यहाँ पदस्थ जिला आबकारी अधिकारी आर के गुप्ता को संभागायुक्त ने निलंबित भी कर दिया है। बड़वाह में की गई कार्रवाई पर प्रतिवेदन अभी प्रतीक्षित है।

संभागायुक्त डॉ. शर्मा के मार्गदर्शन में सेजवाया में ग्रेट गैलन वेंचर्स लिमिटेड में महू के एसडीएम अभिलाष मिश्रा की टीम तथा बड़वाह में फ़ैक्ट्री में कसरावद के एसडीएम संघ प्रिय की अगुवाई में टीम द्वारा कार्यवाही की गई।

सेज़वाया में टीम द्वारा कार्रवाई में पाया गया कि 6 ट्रकों में भरी हुई शराब मिली लेकिन कोई परमिट और डिमांड नोट नहीं दिखाया गया। लोडेड ट्रकों में, व्हिस्की स्टिकर/ लेबल आदि में सिर्फ महीने का उल्लेख किया गया था, जबकि नियमित स्टॉक में निर्माण की सही तारीख थी।

बॉटलिंग में जनवरी और मार्च के स्टिकर नीचे पड़े थे, जिसका अर्थ है कि आज जनवरी और मार्च को बोतलबंद किया जा रहा था, लेकिन रिकॉर्ड मार्च के लिए कोई मिश्रण उपलब्ध नहीं दिखाता है।

इसी तरह बड़ी मात्रा में 180 एमएल व्हिस्की की पेट बोतल ट्रकों में भरी हुई पाई गई, लेकिन रिकॉर्ड में मिलान नहीं पाया गया।

बताया गया कि दो वाहन इंदौर जा रहे थे (लिखित रूप में) और अन्य ने अनौपचारिक रूप से कहा कि हम झाबुआ होते हुए गुजरात जा रहे हैं, जिसकी पुष्टि कर्मचारियों ने की लेकिन लिखित में देने से इनकार कर दिया।

कई स्टिकर उनके स्टोर में सिर्फ महीने के साथ मिले और व्यक्ति ने पुष्टि की कि वह नियमित रूप से ऐसी चीजें छापता है, यह इंगित करता है कि नियमित मोड़ एक दिनचर्या है। उपलब्ध ब्लेंड और उपलब्ध पेट बोतल शारीरिक रूप से बेमेल है इसलिए यह डायवर्सन का भी संकेत देता है।

लगभग 1000 लोग परिसर में काम करते पाए गए और निरीक्षण शुरू होने के बाद लोडिंग रोक दी गई और लोगों को वापस भेज दिया गया, हालांकि ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया था।

संभागायुक्त डॉ. शर्मा द्वारा आबकारी अधिकारी निलंबित –

संभागायुक्त डॉ. पवन शर्मा के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी महू जिला इन्दौर द्वारा आसवनी मेसर्स ग्रेट गेलियन वेंचर्स लिमिटेड सेजवाया जिला धार का निरीक्षण करने पर आरके गुप्ता, आसवनी प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी की प्रथम दृष्टया पर्यवेक्षण एवं नियंत्रण में कमी तथा पदेय कर्तव्यों के निर्वहन में उदासीनता संबंधी अनियमितता परिलक्षित हुई है।

आरके गुप्ता आसवनी प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम-1966 के नियम 9 के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया किया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय इन्दौर रहेगा। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी।