MP: किसानों के समर्थन में नौरोजाबाद के नायब तहसीलदार ने दिया इस्तीफा, लिखा-किसानों के साथ हो रहा असहनीय व्यवहार


मुनेश्वर प्रसाद ने लिखा है कि अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे किसानों पर सरकार द्वारा जिस तरह का बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है वह मानवीय रूप से असहनीय होकर नैतिक रूप से आहत करने वाला है। 


देश गांव
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भोपाल:  मध्यप्रदेश में एक नायब तहसीलदार ने किसानों के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शिवराज सरकार के नौरोजाबाद के एक नायब तहसीलदार मुनेश्वर प्रसाद विराट ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए इस्तीफा दे दिया है। तहसीलदार ने इस्तीफा का कारण बताते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का निवारण नहीं कर रही है। इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव वल्लभ भवन को दे दिया है। तहसीलदार ने यह इस्तीफा कलेक्टर के माध्यम से भेजा है।

मुनेश्वर प्रसाद ने लिखा है कि अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे किसानों पर सरकार द्वारा जिस तरह का बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है वह मानवीय रूप से असहनीय होकर नैतिक रूप से आहत करने वाला है।

खबर के मुताबिक,  इस्तीफे में एमपी विराट ने इस्तीफे में लिखा है कि देश में किसानों की समस्या का निराकरण शासन स्तर से नहीं किया जा रहा है। इसके कारण किसानों को आंदोलन के माध्यम से अपनी समस्या का निराकरण कराने के लिए देश की राजधानी दिल्ली के साथ अन्य राज्यों में आंदोलन करना पड़ रहा है। सरकार बेरहमी व बर्बरतापूर्ण व्यवहार कर रही है जो मानवीय रूप से असहनीय होकर नैतिक रूप से आहत करने वाला है। केंद्र सरकार की वर्तमान में लाई जा रही किसान विरोधी नीति जिसमें किसानों व गरीबों का शोषण एवं पूंजीपतियों का पोषण किया जा रहा है। जिससे संपूर्ण देश के किसान एवं गरीब वर्ग के व्यक्तियों द्वारा आत्महत्या की जा रही है। पूरे देश के किसान मजदूर एवं गरीब वर्ग के व्यक्ति आंदोलनरत हैं इससे किसानों की दुर्दशा को देखते हुए शासन द्वारा लाई गई किसान विरोधी नीति को लेकर मैं आहत हूं और आत्मग्लानि महसूस करता हूं। जिसकी वजह से मैं शासन की नीतियों के विरोध व किसान आंदोलन के समर्थन में अपने पद से सेवानिवृत्ति लेना चाहता हूं।

इससे पहले भी नायब तहसीलदार दो बार इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन बाद में उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था। पहली बार जब इन्होंने इस्तीफा दिया था तो उसका कारण विभाग में अधिकारियों की प्रताड़ना को बताया था, पर इस बार उन्होंने किसान के समर्थन में इस्तीफा दिया है।

 



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