तुलसी सिलावट के नामांकन में मैंदोला पर मामला दर्ज


यह देखना दिलचस्प रहा कि सिलावट के साथ पर्चा भरने के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष और सांवेर से पूर्व विधायक राजेश सोनकर भी लगातार मौजूद रहे। सोनकर को ही सिलावट ने करीब पौने दो साल पहले कांग्रेस की टिकट पर चुनाव हराया था और अब सांवेर को दोनों ही नेता एक ही पार्टी में एक साथ हैं।    


अरूण सोलंकी अरूण सोलंकी
इन्दौर Updated On :
इंदौर के सांवेर में चुनावी रैली में जाते हुए भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट


इंदौर। सांवेर उपचुनाव को लेकर जिले की राजनीति गर्म है। नेताओं के एकदूसरे पर तीखे बयान भी सुनने को मिल रहे हैं। बुधवार को सांवेर क्षेत्र में चुनावी कार्यक्रम चर्चाओं में रहे। जहां भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी तुलसी सिलावट अपना नामांकन भरने पहुंचे। उन्होंने अपने पंडित द्वारा बताए गए शुभ मुहुर्त में सुबह साढ़े दस बजे अपना पर्चा दाखिल कर दिया। यह देखना दिलचस्प रहा कि सिलावट के साथ पर्चा भरने के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष और सांवेर से पूर्व विधायक राजेश सोनकर भी लगातार मौजूद रहे। सोनकर को ही सिलावट ने करीब  दो साल पहले कांग्रेस की टिकट पर चुनाव हराया था और अब सांवेर को दोनों ही नेता एक ही पार्टी में एक साथ हैं। सोनकर कई बार सिलावट को संभालते हुए भी नजर आए।

इसके बाद तुलसी सिलावट सभा स्थल पर पहुंचे। इस साईकिल रैली में खासी भीड़ रही। जिसकी प्रशासन ने वीडियोग्राफी भी करवाई। इस दौरान लोगों को खासी परेशानी भी होती रही और रह-रहकर जाम लगता रहा।

भाजपा प्रत्यााशी सिलावट ने पहले ही मुहूर्त में साढ़े 10 बजे से पहले फॉर्म भर दिया था। बाद में सभा स्थल से सायकल पर रैली निकालकर तहसील कार्यालय पर पहुंचे। रैली में भी काफी भीड़ थी और लोग शारीरिक दूरी का ध्यान नहीं रख रहे थे। प्रशासन ने सभा और रैली की वीडियोग्राफी भी कराई। कार्यक्रम के कारण सांवेर की सड़कों पर ट्रैफिक जाम भी कई बार होता रहा।

इससे पहले नामांकन रैली में पूरी तरह रैली और सभा के लिए दी गई शर्तों का उल्लंघन किया गया। इसके चलते चुनाव संचालक रमेश मेंदोला और आयोजनकर्ता विजय व्यास के खिलाफ धारा 188 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

यह चुनावी कार्यक्रम बाजार चौक में हो रहा  था। जहां नियम के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सौ व्यक्ति ही शामिल हो सकते थे लेकिन इस कार्यक्रमके दौरान इस नियम का पूरी तरह उल्लंघन किया गया। रैली के मंच पर कई नेताओं ने मास्क तक नहीं लगाया था और लोगों के बैठने की व्यवस्था भी काफी पास-पास थी। प्रत्याशी तुलसी सिलावट सहित कई नेता रैली में कई बार बिना मास्क के नजर आए।