कांग्रेस ने पुनर्मतदान की मांग को लेकर किया प्रदर्शन, कलेक्टरों पर लगाए पक्षपात के आरोप


मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रभावित पोलिंग पर फिर से मतदान कराए जाने की और मतदान के दौरान हिंसा और इस प्रक्रिया को बाधित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है।


देश गांव
राजनीति Updated On :

भोपाल। चुनावी चर्चाओं और प्रदेश में किए जा रहे एग्जिट पोल में कांग्रेस पिछड़ती नजर आ रही है। हालांकि कांग्रेस कहीं से भी अपनी हार स्वीकारती नजर नहीं आ रही है। इस बीच पार्टी ने शनिवार को मुरैना में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यहां पार्टी के नेताओं ने मतदान के दिन हुई हिंसा का विरोध किया और इस मामले पर प्रशासनिक अधिकारियों के रवैये का विरोध किया। कांग्रेसियों ने अधिकारियों पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।

कांग्रेसी नेताओं के इस विरोध प्रदर्शन में विधायक जीतू पटवारी, कुणाल चौधरी, डॉ. गोविंद सिंह, रामनिवास रावत, विधायक लाखन सिंह यादव, प्रवीण पाठक, बैजनाथ कुशवाह, मप्र किसान कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुर्जर, अशोक सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह विरोध सुमावली में मतदान के दौरान हुई हिंसा और उसके बाद प्रशासन के रवैये के विरोध में था।

कांग्रेसी नेताओं ने भिंड एवं मुरैना के जिलाधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया और कई प्रशासनिक अधिकारियों के खुलकर भाजपा के पक्ष में काम करने की बात कही।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रभावित पोलिंग पर फिर से मतदान कराए जाने की और मतदान के दौरान हिंसा और इस प्रक्रिया को बाधित करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की गई है। कांग्रेसी नेताओं ने चंबल कमिश्नर को इस बारे में ज्ञापन भी दिया है।

इससे पहले कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा पुनर्मतदान की याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच द्वारा खारिज कर दी गई थी। जौरा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी पंकज उपाध्याय ने अपनी इस याचिका में कहा था कि मतदान के दौरान सोलह मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी की खबरें मिली थीं। उन्होंने यहां बूथ कैप्चरिंग के आरोप तक लगाए थे।

इसके अलावा मुरैना के सुमावली में मतदान के दिन तो हिंसा हुई। जिसमें गोलियां चलीं और एक मोटरसाईकिल को आग लगा दी गई। इसके बाद अगले दिन भी यहां दो गुटों में फिर हिंसा हुई थी।



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