किसानों के दिल्ली आने से कोरोना का खतरा! संसद का शीतकालीन सत्र रद्द, बंगाल में अमित शाह की रैली देखिये


संसद सत्र रद्द करने पर तो कोरोना को कारण बताया गया लेकिन आम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर में अमित शाह की रैली में पहुंचे लाखों आम लोगों की भीड़ की तस्वीरों को रैली की सफलता की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है।


देश गांव
राजनीति Published On :

नई दिल्ली। देश में कोरोना के मामले एक करोड़ का आंकड़ा पार गए हैं और मरने वालों की संख्या 1 लाख 45 हजार ऊपर चली गयी है।  अमेरिका के बाद भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां इस हद तक संक्रमण फैला है। संंक्रमण के डर से कई कार्यक्रमों पर असर पड़ा है इनमें से एक संसद भी है। जिसका शीतकालीन सत्र सरकार ने रद्द कर दिया है। हालांकि चुनावी कार्यक्रम कोरोना से मुक्त दिखाई देते हैं।

पश्चिम बंगाल में शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे और यहां बड़ी सभाएं की। इन सभाओं में लाखों लोग पहुंचे। इस बीच सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क जैसी कोई औपचारिकता नहीं देखी गई।

 

संसद सत्र रद्द करने पर तो कोरोना को कारण बताया गया लेकिन आम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर में अमित शाह की  रैली में पहुंचे लाखों आम लोगों की भीड़ की तस्वीरों को रैली की सफलता की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के महासचिव और बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो साझा किया है जिसमें बड़ी संख्या में लोग इस रैली में शामिल होते नज़र आ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा की बंगाल रैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि, संसद सत्र को कोरोना का बहाना बनाकर रद्द कर दिया जाता है ताकि सरकार सवालों से बच सके वहीं बंगाल में !

विवादित कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली के आसपास जमा होकर विरोध करने वाले किसानों से उनका प्रदर्शन रोकने के लिए कहा जा रहा है। शनिवार, 19 दिसंबर को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ठंड और कोरोना काल के दौरान किसानों की इस जमावट पर चिंता ज़ाहिर की।

सीएम खट्टर  ने कृषि कानूनों के बारे में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भी मुलाकात की है। किसान आंदोलन की शुरुआत में खट्टर सरकार ने ही कड़ी ठंड में प्रदर्शन कर रहे किसानों पर ठंडे पानी की बौछार करवाकर उन्हें हटाने की कोशिश की थी लेकिन किसान अपनी मांगों के साथ डटे रहे।

 

 



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