MP: यदि पड़ोसी राज्य से कोई अपनी फसल बेचने आया तो उसे जेल भिजवा देंगेः शिवराज सिंह चौहान


कृषि कानूनों पर सरकार और किसान यूनियनों के नेताओं कके बीच जारी चौथे दौर के वार्ता के बीच किसानों ने साफ़ शब्दों में कह दिया कि कृ​षि कानूनों में संशोधन से बात बनने वाली नहीं है, कृषि कानून रद्द करने के अलावा कोई और चारा नहीं है। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव श्रवण सिंह पंढेर ने कहा कि ये बिल किसान विरोधी हैं और सरकार को इन्हें वापस लेना होगा।


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बड़ी बात Updated On :

नई दिल्ली।  नए कृषि कानूनों का लगातार बचाव करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और उनके तमाम मंत्री तथा सर्मथक यह कह रहे थे कि नए कानूनों से किसान को अपनी फसल अपनी मर्जी से जहां मन करे वहां बेचने की आज़ादी होगी। इस बीच अब भाजपा शासित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बिल्कुल अलग बात कर दी है। उन्होंने कहा है कि  यदि कोई पड़ोसी राज्यों से प्रदेश में आनाज बेचने आया या बेचने की कोशिश भी की तो उसका ट्रक राजसात करवाकर उसे जे़ल भिजवा दिया जाएगा। 

 

मुख्यमंत्री नसरुल्लागंज, ज़िला सीहोर में किसान कल्याण योजना के तहत एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

कृषि कानूनों पर सरकार और किसान यूनियनों के नेताओं के बीच जारी चौथे दौर के वार्ता के बीच किसानों ने साफ़ शब्दों में कह दिया कि कृषि कानूनों में संशोधन से बात बनने वाली नहीं है, कृषि कानून रद्द करने के अलावा कोई और चारा नहीं है। किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव श्रवण सिंह पंढेर ने कहा है कि ये तीनों बिल किसान विरोधी हैं और सरकार को इन्हें वापस लेना ही होगा।

इधर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा पद्म विभूषण लौटने के बाद अब शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रमुख और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींडसा ने कृषि कानूनों के विरोध में पद्म भूषण लौटाने की घोषणा की है।

वहीं केंद्र में बीजेपी के सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा कि बीजेपी या किसी और को किसी को भी एंट्री नेशनल (देशद्रोही) कहने का हक़ नहीं है और जो इन किसानों को देशद्रोही बोल रहे हैं, वे खुद देशद्रोही हैं। किसान अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर देता है। बादल ने आगे सवाल करते हुए कहा कि, यहां बुजुर्ग महिलाएं हैं, क्या वे देशद्रोही हैं? क्या वे खालिस्तानी लगते हैं? क्या हमारे देश में किसानों को इसी तरह देशद्रोही कह कर बुलाया जायेगा? यह किसानों का अपमान है। इन्हें एंटी नेशनल कहने की आपकी हिम्मत कैसे हुई?

 

प्रकाश सिंह बादल द्वारा पद्म विभूषण लौटाए जाने के सवाल पर एएनआइ से बात करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि, उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों की लड़ाई में गुजार दिया है और उन्होंने अवार्ड लौटाकर सरकार को कड़ा संदेश दिया है। किसानों को ये कानून नहीं चाहिए, सरकार क्यों किसानों पर इन कानूनों को जबरदस्ती थोप रही है ?

 

 



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