स्वयंसेवकों ने शुरू की सेवा, 219 जगहों पर कोविड अस्पतालों में करेंगे प्रशासन का सहयोग


संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी, स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य के बारे में बताया


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बड़ी बात Updated On :

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण जन्मे इस राष्ट्रीय आपातकाल में आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी सेवा कार्य में जुट गए हैं।

संघ के ये स्वयंसेवक अब देश के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमितों के बीच जाकर अस्पतालों तक में काम कर रहे हैं। इसके अलावा वैक्सीन लगवाने के लिए जागरुक करने का भी काम ये कर रहे हैं।

इसके अलावा विभिन्न शहरों में बुजुर्गों व अकेले रहने वालों को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इनके माध्यम से जरूरतमंदों को आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।

भोपाल में संघ के द्वारा पिछले कई दिनों से लगातार सेवा कार्य किए जा रहे हैं। यहां स्वयंसेवक टोलियां बनाकर मोहल्लों और कॉलोनियों में निकल रहे हैं और वैक्सीनेशन के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। इसके अलावा संक्रमितों तक जरुरी सहायता पहुंचाने का काम भी स्वयंसेवक लगातार कर रहे हैं।

सुनील आंबेकर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि

कोरोना के इस क्रूर प्रहार से देश के कई हिस्से प्रभावित हुए हैं। संघ कोरोना की महामारी में दिवंगत लोगों को  श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों व इलाज के अन्य कार्य तथा ऑक्सीजन आदि सामग्री की आपूर्ति में लगे कर्मचारी एवं सुरक्षा व स्वच्छता कर्मियों सहित सभी कोरोना योद्धाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे समाज की संवेदना व सक्रियता अद्भुत है। अपनी जान जोखिम में डालकर संकट की स्थिति में कार्य कर रहे हैं। परिस्थिति भले ही विकट हो, भारत में समाज की शक्ति भी विशाल है।

सुनील आंबेकर डिजिटल माध्यम से आयोजित प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा सेवा भारती द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों के संबंध में जानकारी प्रदान कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि हमेशा की तरह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सेवा भारती सहित अन्य संगठन व संस्थाएं प्रभावित क्षेत्रों व परिवारों में राहत पहुंचाने के काम में जुटे हैं। संघ की पहल पर आवश्यकता के अनुसार अभी बारह प्रकार के कार्य प्राथमिकता से प्रारंभ हुए हैं।

आंबेकर ने कहा कि कोविड के संभावित लोगों हेतु आइसोलेशन केंद्र व पॉज़िटिव रोगियों हेतु कोविड केअर (सेवा) केंद्र, सरकारी कोविड केंद्र व अस्पतालों में सहायता,  हेल्पलाइन नंबर सहायता, रक्तदान, प्लाज्मा दान, अंतिम संस्कार के कार्य, आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण, समुपदेशन (काउंसलिंग), ऑक्सीजन आपूर्ति व एम्बुलेंस सेवा, भोजन, राशन व मास्क तथा टीकाकरण अभियान व जागरूकता जैसे आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कई प्रांतों में स्वयं सेवकों द्वारा प्रारंभ किया गया है।

स्थानीय प्रशासन की भी हर संभव सहायता की जा रही है ताकि सभी मिलकर इस चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकें।

इंदौर में संघ की पहल पर शासन, निजी अस्पताल, राधा स्वामी संत्संग आदि के सहयोग से दो हज़ार बिस्तर का कोविड केंद्र शासन व समाज के समन्वित कार्य का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है।

उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों द्वारा अभी 43 प्रमुख शहरों में कोविड सेवा केंद्र चलाए जा रहे हैं तथा अन्य 219 स्थानों पर कोविड अस्पतालों में प्रशासन का सहयोग किया जा रहा है।

टीकाकरण के लिए दस हजार से अधिक स्थानों पर जागरूकता अभियान के साथ 2442 टीकाकरण केंद्र अभी तक प्रारंभ किये गए हैं।

समाज के सभी लोगों का इस कार्य में सहयोग आवश्यक है, तथा कोरोना के प्रकोप पर शासन-प्रशासन व समाज के समन्वित प्रयास से ही भारत विजय प्राप्त करेगा।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि आवश्यकता के अनुसार प्लाज्मा व रक्तदान में सहयोग किया जा रहा है, कुछ स्थानों पर संभावितों की सूची भी बनी है। दिल्ली में रक्तदाताओं की सूची उपलब्ध है।

पुणे में जनजागरण अभियान के माध्यम से 600 लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया, जिससे 1500 लोगों का जीवन बचाने में सहायता मिली है।



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