किसान आंदोलनः इंदौर पहुंचा किसानों का जत्था, 26-27 नवंबर को दिल्ली में जुटेंगे दस लाख किसान


27 नवंबर को इंदौर में भी प्रदर्शन होगा। किसान संघर्ष समिति, किसान खेत मजदूर संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा सहित विभिन्न संगठन संयुक्त रूप से कृषि बिलों के विरोध में 27 नवंबर को दोपहर 1:00 बजे गांधी हाल में एकत्रित होंगे तथा संभागायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।


देश गांव
उनकी बात Updated On :

इंदौर। किसान विरोधी बिल के विरोध में 26 और 27 नवंबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन के लिए बड़वानी, महाराष्ट्र, निमाड़ मालवा के किसान अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की वर्किंग ग्रुप की सदस्य तथा नर्मदा बचाओ आंदोलन  की नेता मेधा पाटकर के नेतृत्व में मंगलवार, 24 नवंबर को  इंदौर होकर दिल्ली रवाना हुए। किसानों के इस दल का आंबेडकर प्रतिमा चौराहे पर शहर के जाने-माने वकील और पूर्व महाधिवक्ता आनंद मोहन माथुर ने स्वागत किया। किसानों का स्वागत करने वाले लोगों में रामबाबू अग्रवाल, रामस्वरूप मंत्री, प्रमोद नामदेव, दिनेश कुशिक, एसके दुबे, अजय यादव, अरुण चौहान, जयप्रकाश गुगरी सहित सैकड़ों साथी शामिल रहे। 

 

उल्लेखनीय है कि देशभर के 300 से ज्यादा किसान संगठनों के व्यापक समन्वय आल इंडिया किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर  26 नवम्बर को देशव्यापी मजदूर-किसान हड़ताल और 26-27 नवम्बर देश में अभूतपूर्व किसान आंदोलन होने जा रहा है।

नवंबर 26 को करीब 10 लाख से ज्यादा किसान दिल्ली पहुंचेंगे तथा घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेंगे। मंगलवार सुबह से ही आंबेडकर प्रतिमा चौराहे पर बड़ी संख्या में किसान संघर्ष समिति, किसान खेत मजदूर संगठन, किसान सभा बेटा सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता किसानों का स्वागत करने के लिए एकत्रित हुए। ये सभी कृषि बिलों के खिलाफ तथा 26 नवंबर को होने वाली मजदूर हड़ताल के समर्थन में तख्तियां लिए हुए प्रदर्शन कर रहे थे। निर्धारित समय से करीब 2 घंटा देरी से मेधा पाटकर के नेतृत्व में नर्मदा बचाओ आंदोलन के तथा बड़वानी के किसानों का पहला जत्था गीता भवन चौराहे पर पहुंचा। इस दौरान किसान अधिकारों को लेकर जमकर नारेबाजी हुई।

यहां एक सभा को आनंद मोहन माथुर, मेधा पाटकर ,रामबाबू अग्रवाल, रामस्वरूप मंत्री, एसके दुबे, प्रमोद नामदेव, अरुण चौहान, असलम बागबान, युवराज भटकल सहित विभिन्न वक्ताओं ने संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने यहां कृषि बिलों की किसानों के लिए नुकसानदेह बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ये तीन कृषि बिल लाकर किसानों को पूंजीपतियों के हाथ का खिलौना बना दिया है और यह पूरी खेती को बर्बाद करने की साजिश है।

घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन में शामिल लोगों ने दावा किया कि 26-27 नवंबर को  दस लाख से ज्यादा किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं। इनके मुताबिक मोदी सरकार की नीतियां दमनकारी हैं और इन्हीं के तहत किसान आदोंलन को रोकने के लिए  देशभर में गिरफ्तारियों का दौर शुरू हो गया है। किसानों ने कहा कि वे इस दमन के आगे नहीं झुकेंगे और इस बार दिल्ली में अभूतपूर्व प्रदर्शन होगा। जिसके चलते सरकार को कृषि और मजदूर विरोधी कानून वापस लेना पड़ेगा। इस दौरान  सभी नेताओं ने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर मालमाल्यार्पण कर किया तथा संविधान की रक्षा की शपथ ली।

किसान संघर्ष समिति मालवा निमाड़ के संयोजक रामस्वरूप मंत्री ने बताया कि इंदौर में सभी किसान संगठनों ने मिलकर दिल्ली जाने वालों का  स्वागत किया। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की कार्यकारी ग्रुप की सदस्य मेधा पाटकर और महाराष्ट्र की प्रतिभा शिंदे ,असलम बागबान, युवराज भटकल ,सुखेंद्र मठिया, लतिका राजपूत ,रोहित सिंह, और पवन यादव के नेतृत्व में महाराष्ट्र और निमाड़ के जत्थे का नेतृत्व कर रहे हैं।

इंदौर में आंबेडकर प्रतिमा पर मध्यप्रदेश के पूर्व महाधिवक्ता आनंद मोहन माथुर, किसान संघर्ष समिति के रामस्वरूप मंत्री व दिनेश सिंह कुशवाह, अखिल भारतीय किसान सभा के अरुण चौहान ,एटक के रूद्र पाल यादव, किसान खेत मजदूर संगठन के प्रमोद नामदेव, लोकतांत्रिक जनता दल के अजय यादव ,समाजवादी समागम व लोहिया विचार मंच के रामबाबू अग्रवाल सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं के नेतृत्व में जत्थे का स्वागत किया गया।

27 नवंबर को इंदौर में भी होगा प्रदर्शन किसान संघर्ष समिति, किसान खेत मजदूर संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा सहित विभिन्न संगठन संयुक्त रूप से कृषि बिलों के विरोध में 27 नवंबर को दोपहर 1:00 बजे गांधी हाल में एकत्रित होंगे तथा संभागायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।



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