मध्यप्रदेशः किराया बढ़ाने की मांग कर रहे बस संचालक थाम सकते हैं बसों के पहिये


लगातार घाटे से जूझ रहे बस संचालक अब जल्द ही प्रदेश भर में बसों का संचालन बंद करने का मन बना चुके हैं। मप्र प्राइम रूट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा के मुताबिक, इस बारे में एक सप्ताह के अंदर बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।


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भोपाल। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप का असर बसों के संचालन में भी देखने को मिल रहा है। इसकी वजह से शादी का सीजन होने के बाद भी बसों में उम्मीद से काफी कम लोग सफर कर रहे हैं।

लगातार घाटे से जूझ रहे बस संचालक अब जल्द ही प्रदेश भर में बसों का संचालन बंद करने का मन बना चुके हैं। मप्र प्राइम रूट बस एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा के मुताबिक, इस बारे में एक सप्ताह के अंदर बैठक कर निर्णय लिया जाएगा।

राजधानी भोपाल में स्थित आईएसबीटी, नादरा, लालपुर और पुतलीघर बस स्टैंडों पर अब पहले की तरह चहल-पहल नहीं लौट पा रही है। इसका कारण है यात्रियों का बसों से कम सफर करना।

बस संचालकों के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि शादियों के मुहूर्त शुरू होने पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, लेकिन ज्यादा मुसाफिर नहीं बढ़ पा रहे।

अभी तक इन बस स्टैंडों से चलने वाली कुल 733 बसों में से केवल 195 बसों का ही संचालन हो पा रहा है और उनको भी पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल पा रहे हैं।

बस संचालक सुरेन्द्र तनवानी बताते हैं कि 

मध्यप्रदेश शासन ने साढ़े पांच महीने का टैक्स माफ किया था। इसके बाद पांच सितंबर से राजधानी सहित प्रदेश भर में पांच सितंबर से बसों का संचालन शुरू हुआ था, लेकिन कोरोना के कारण यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ने से घाटा उठाना पड़ रहा है। घाटे की पूर्ति 50 फीसदी यात्री किराया बढ़ने के बाद ही हो सकती है।



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